रांची में बवाल! डेंटल छात्रा गैंगरेप केस पर भाजपा का उग्र प्रदर्शन, SSP ऑफिस घेरने के दौरान पुलिस से नोकझोंक

रांची में रिम्स डेंटल छात्रा से कथित दुष्कर्म मामले के विरोध में भाजपा का जोरदार प्रदर्शन, एसएसपी कार्यालय का घेराव, सरकार पर लापरवाही और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे।

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रांची : रांची की सड़कों पर सोमवार को जबरदस्त राजनीतिक हलचल देखने को मिली। रिम्स की एक डेंटल छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाल ही में सामने आई इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है और अब इसका असर सियासत में भी साफ दिख रहा है। इसी कड़ी में महानगर भाजपा ने एसएसपी कार्यालय का घेराव किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से जुलूस की शुरुआत की और नारेबाजी करते हुए एसएसपी ऑफिस तक मार्च किया। वहां पहुंचते ही माहौल और गरमा गया। पुलिस ने एहतियातन मुख्य गेट बंद कर दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इसे और भी प्रभावशाली बना दिया।

प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव, गेट तोड़ने की कोशिश

स्थिति उस वक्त ज्यादा तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों को एसएसपी कार्यालय के अंदर जाने से रोक दिया गया। गेट बंद होने से नाराज खासकर महिला कार्यकर्ताओं ने गेट तोड़ने की कोशिश की। मौके पर तैनात पुलिस बल ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर के लिए माहौल काफी गर्म रहा। हालांकि बाद में स्थिति नियंत्रण में आ गई।

सरकार और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं और महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया। उनका कहना था कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद पुलिस की कार्रवाई धीमी रही। आरोप ये भी लगा कि एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई, जो प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। नेताओं ने सवाल उठाया कि जब महिलाओं की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं है, तो कानून-व्यवस्था का क्या मतलब रह जाता है।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

भाजपा नेताओं ने साफ तौर पर मांग की कि इस मामले में तुरंत और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलेगी, ऐसे अपराध रुकने वाले नहीं हैं। पार्टी ने यह भी संकेत दिया कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर वह आगे भी आंदोलन जारी रखेगी, ताकि प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके और पीड़िता को न्याय मिल सके।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।