
Bihar Highway Projects : पटना में सड़क परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए पथ निर्माण विभाग ने बड़ी समीक्षा बैठक की। विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा स्वीकृत कुल 18 राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में भू-अर्जन, फॉरेस्ट क्लियरेंस, टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर सख्ती दिखाई गई। सचिव ने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।
करीब 218 किलोमीटर लंबाई और 8134 करोड़ रुपये लागत वाली 6 परियोजनाएं अभी भू-अर्जन और वैधानिक मंजूरी के कारण शुरू नहीं हो सकी हैं, जबकि 360 किलोमीटर लंबी 12 परियोजनाओं (लागत 11222 करोड़ रुपये) का कार्य आवंटन अब तक लंबित है।
मुख्य बिंदु
* पटना-आरा-सासाराम प्रोजेक्ट के पहले चरण (सुअरा-गढ़हनी) को 15 मई तक शुरू करने का निर्देश
* मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना का कार्य आवंटित
* पटना रिंग रोड के कन्हौली-शेरपुर खंड को मिली मंजूरी
* फॉरेस्ट क्लियरेंस में देरी पर नाराजगी, समन्वय बढ़ाने के निर्देश
* अक्टूबर तक लंबित ROB (रेल ओवर ब्रिज) कार्य हर हाल में पूरा करने का आदेश
समीक्षा के दौरान सचिव ने स्पष्ट किया कि पटना-आरा-सासाराम परियोजना के दूसरे चरण (गढ़हनी-सदीसोपुर) का काम भी अक्टूबर से शुरू किया जाए। वहीं मोकामा-मुंगेर फोरलेन और पटना रिंग रोड परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए भू-अर्जन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा भागलपुर, अररिया, कटिहार और सुपौल जिलों में चल रही सड़क और ROB परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

