
चाईबासा: चाईबासा के सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों के सामने मलेरिया का प्रकोप जवानों के लिए गंभीर परेशानी बनकर सामने आया है। लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों को आईईडी का खतरा, तेज गर्मी और अब मच्छरों के बढ़ते संक्रमण से भी जूझना पड़ रहा है। लंबे समय तक जंगल में ड्यूटी करने की वजह से कई स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ रही हैं, जिसका असर ऑपरेशन की रफ्तार पर भी पड़ता दिख रहा है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
अचानक बिगड़ी तबीयत, पांच जवान एयरलिफ्ट
मंगलवार को बालिबा कैंप में तैनात कोबरा बटालियन के पांच जवानों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जांच में सामने आया कि सभी में मलेरिया के गंभीर लक्षण पाए गए हैं। स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इससे पहले भी एक अन्य घटना में ऑपरेशन के दौरान एक जवान बेहोश हो गया था, जिसे हेलीकॉप्टर की मदद से बाहर निकाला गया था।
सारंडा में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के बीच लगातार जवानों के बीमार पड़ने से सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से ऑपरेशन की गति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। दुर्गम इलाका और सीमित संसाधन पहले से ही बड़ी चुनौती बने हुए हैं, और अब बीमारियों ने स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।
मलेरिया से जवान की मौत, बढ़ी चिंता
इसी बीच मलेरिया से एक जवान की मौत ने हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। असम के रहने वाले 42 वर्षीय जवान आनंद सिंघा का इलाज के दौरान निधन हो गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अब ऑपरेशन के साथ-साथ जवानों के स्वास्थ्य की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

