रांची यूनिवर्सिटी में नया इतिहास: पहली महिला कुलपति का भव्य स्वागत, शिक्षकों ने किया सम्मान समारोह

रांची विश्वविद्यालय की नव नियुक्त कुलपति प्रो. सरोज शर्मा का शिक्षकों ने भव्य स्वागत किया, समारोह में भारतीय संस्कृति और शिक्षा परंपरा की झलक दिखी, कई विद्वानों ने किया सम्मान।

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रांची: रांची विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जंग बहादुर पांडेय के नेतृत्व में शिक्षकों के एक शिष्ट मंडल ने नव नियुक्त कुलपति प्रो. (डॉ.) सरोज शर्मा से मुलाकात की और उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। यह कार्यक्रम गरिमामय और सांस्कृतिक माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण, स्वस्तिवाचन और शांति पाठ से हुई, जिसने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक रंग प्रदान किया। इस मौके पर राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर धनबाद के संस्थापक प्राचार्य और आचार्य विनोबा भावे द्वारा स्थापित आचार्य कुल के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. वासुदेव प्रसाद ने कुलपति को अंगवस्त्र और “महर्षि दयानंद सरस्वती के क्रांति दर्शन” पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।

वहीं आचार्य कुल के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. जंग बहादुर पांडेय ने उन्हें तुलसीदास रचित “सुंदरकांड” की प्रति और पुष्पगुच्छ भेंट किया। परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट्स विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. मिताली चटर्जी ने माँ भगवती की चुनरी से कुलपति का मातृ स्वरूप में सम्मान किया। इस कार्यक्रम में कई शिक्षकों और अधिकारियों ने भी कुलपति को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इनमें डीएवी हेहल के प्राचार्य डॉ. विपिन राय, महेंद्र प्रसाद महिला कॉलेज के पूर्व इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. ए.के. लाल, भौतिकी विभाग के डॉ. कुंदन कुमार और अन्य शिक्षाविद शामिल रहे।

कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. गुरु चरण साहू, कुलानुशासक डॉ. एम.सी. मेहता, आरटीसी के डॉ. सुबोध कुमार सहित कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। डॉ. जंग बहादुर पांडेय ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय में पहली बार महिला कुलपति की नियुक्ति पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय नई ऊंचाइयों को छुएगा। इस दौरान कुलपति को 29-30 अप्रैल 2026 को वाईबीएन विश्वविद्यालय में होने वाले आचार्य कुल राष्ट्रीय अधिवेशन में सारस्वत अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। साथ ही डीएवी प्राचार्य डॉ. विपिन राय ने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करने के लिए भी आमंत्रित किया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने इस स्वागत को भारतीय संस्कृति, नारी चेतना और “हम” की भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने अपनी पुस्तक “भारतीय ज्ञान परंपरा: विविध आयाम” भी प्रतिनिधिमंडल को भेंट की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ओम प्रकाश ने किया, मंगलाचरण डॉ. मिताली चटर्जी ने प्रस्तुत किया, फोटो ग्राफी नवीन चंचल ने की और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कुंदन कुमार ने दिया। अंत में राष्ट्रगान और शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।