पर्दे के पीछे से रूसी-चीनी तकनीकों ने बदली ईरान-इस्राइल युद्ध की तस्वीर

आधुनिक युद्ध अब सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं, ड्रोन, मिसाइल, साइबर और अंतरिक्ष तकनीक ने संघर्ष का स्वरूप बदल दिया है, जिससे भविष्य के युद्ध और भी जटिल बनते जा रहे हैं।

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डॉ संजय वर्मा

नव सभ्यता का इतिहास युद्धों के विवरणों से भरा पड़ा है। शांति की कामना करने वाली सभ्यताएं अक्सर युद्ध के विरोधाभास में उलझती रही हैं। मौजूदा इस्राइल-अमेरिका-ईरान संघर्ष के अलावा हाल के वर्षों में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव, रूस-यूक्रेन संघर्ष और इस्राइल-ईरान के बीच कायम रही जंग इस बात का प्रमाण हैं कि युद्ध आज भी वैश्विक व्यवस्था का हिस्सा हैं। लेकिन अब युद्ध केवल जमीन तक सीमित नहीं, इनमें देशों की सेनाएं आमने-सामने की लड़ाई नहीं करतीं। तकनीकी प्रगति ने युद्ध का पारंपरिक स्वरूप बदल दिया। ड्रोन, मिसाइलें, डिफेंस सिस्टम और विभिन्न तकनीकी प्रबंधों ने युद्ध को सिर्फ कुछ बटन दबाने की गतिविधि तक सीमित कर दिया।
एक बड़ा पहलू यह भी कि मित्र राष्ट्रों की ओर से मिलने वाली तकनीकी सहायता ने संघर्ष की प्रकृति को ही बदल दिया है। इसमें एक अहम दावा ईरान को मिली विदेशी सहायता के बारे में है। खास तौर पर चीनी नेविगेशन/इलेक्ट्रॉनिक्स और रूसी ड्रोन/ईडब्ल्यूएस विशेषज्ञता ने उस ईरान को सटीक व मजबूत हमले करने में बड़ी ताकत दी, जिसके बारे में पहले अनुमान था कि वह कम सटीक हमले कर पाएगा और रेंज सीमित होगी।

मसलन, इस्राइल की आयरन-डोम जैसी ताकतवर व्यवस्था को ईरान ने ऐसी ही सूचनाओं और सहायता के बल पर भेद दिया। इससे इस्राइल व अमेरिका के लिए इंटरसेप्शन लागत बढ़ गई और उन्हें ईरान के सस्ते ड्रोनों के मुकाबले महंगी मिसाइलों का खर्च उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। तकनीकों की तेज बढ़ती भूमिका के आधार पर ही आगे चलकर युद्धों के अंतरिक्ष तक पहुंचने का अंदाजा लगाया जा रहा है। कहा जाने लगा है कि कुछ समय बाद अगर युद्ध की नौबत आती है, तो जमीन या नजदीकी आकाश में ऐसी कोई गतिविधि होते हुए शायद नहीं दिखाई दे। बल्कि अंतरिक्ष में ही सैटेलाइट्स पर प्रहार या अंतरिक्ष से ही लेज़र बमों से दुश्मन इलाके के लक्ष्यों को भेद दिया जाए।

असल में, नई चुनौतियों के मद्देनजर जरूरी है कि अब कोई भी देश युद्ध की अत्याधुनिक शैलियों-तकनीकों, अंतरिक्ष युद्ध क्षमताओं का आकलन करे, हाल के सैन्य संघर्षों में तकनीक की भूमिका का पता लगाए और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रख अपनी उस वैज्ञानिक-तकनीकी उन्नति का जायजा ले- जो उसे किसी भावी युद्ध के लिए तैयार करती है। युद्धों का इतिहास बताता है कि कोई भी संघर्ष केवल सैनिकों की संख्या या हथियारों की ताकत तक सीमित नहीं रहा। इसमें मनोवैज्ञानिक युद्ध, रणनीतिक योजना, और तकनीकी श्रेष्ठता की हमेशा भूमिका रही। मिथकीय प्रसंग देखें, तो त्रेतायुग में भगवान राम और रावण के बीच हुए संघर्ष में पुष्पक विमान से लेकर ब्रह्मास्त्र तक का उल्लेख है। महाभारत काल में भी अनेक अस्त्रों-शस्त्रों का वर्णन मिलता है। आधुनिक काल के प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्धों और भारत के संदर्भ में देखें तो पाकिस्तान और चीन के साथ हुए संघर्षों में टैंकों, लड़ाकू विमानों और मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ। लेकिन पहले जहां युद्ध में सैनिकों का आमने-सामने का मुकाबला निर्णायक होता था, वहीं अब तकनीक ने यह समीकरण उलट दिया। अब मिसाइलें, ड्रोन, साइबर हमले, लेज़र हथियार और अब अंतरिक्ष—ये सब मिलकर एक युद्ध की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। मिसाइल डिफेंस सिस्टम और सैटेलाइट-आधारित निगरानी प्रणालियां अब युद्ध के केंद्र में हैं।

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Avantika Raj Choudhary एक अनुभवी और बहुआयामी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का समृद्ध अनुभव प्राप्त है। इस दौरान उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग और वेबसाइट संचालन जैसे मीडिया के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। खबरों की गहरी समझ, प्रभावशाली प्रस्तुति और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता उन्हें एक सशक्त मीडिया प्रोफेशनल बनाती है। अपने करियर के दौरान Avantika ने Jharkhand Live, The Fourth Pillar, 22 Scope और Khabar Mantra जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है, जहाँ उन्होंने अपनी पेशेवर दक्षता, मेहनत और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एंकर के रूप में उनकी प्रभावशाली संवाद शैली, रिपोर्टर के रूप में जमीनी हकीकत को सामने लाने की क्षमता, और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में सटीक एवं आकर्षक लेखन ने उन्हें मीडिया जगत में एक अलग पहचान दिलाई है। डिजिटल और ग्राउंड मीडिया दोनों प्लेटफॉर्म्स पर कार्य करने का अनुभव रखने वाली Avantika Raj Choudhary पत्रकारिता के बदलते स्वरूप के साथ खुद को निरंतर अपडेट करती रही हैं। उनकी कार्यशैली में निष्पक्षता, समर्पण और दर्शकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का उद्देश्य स्पष्ट रूप से झलकता है। मीडिया इंडस्ट्री में उनका यह अनुभव और कौशल उन्हें भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की ओर अग्रसर करता है.