
Raghav Chadha : राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर ”प्रतिशोध की राजनीति” करने और हाल में पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले राज्यसभा सदस्यों को निशाना बनाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। चड्ढा ने तीन अन्य सांसदों के साथ मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और एक ज्ञापन प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने आप छोड़ने के बाद उनके खिलाफ उत्पीड़न और ”राजनीतिक रूप से प्रेरित” कार्रवाई का आरोप लगाया।
राज्यसभा सदस्य राजिंदर गुप्ता और अशोक मित्तल भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। चड्ढा ने बैठक के बाद यहां पत्रकारों से कहा, ”आम आदमी पार्टी से असहमति जताने का अपना संवैधानिक अधिकार प्रयोग करने वाले सभी सांसदों, जिन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया, उनके संबंध में तथा इन सभी घटनाओं व घटनाक्रमों को आज राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। मैं आम आदमी पार्टी को यह भी बताना चाहता हूं कि जब तक हम आज्ञाकारी रहे, हमें संस्कारी माना गया। जैसे ही हमने पार्टी छोड़ी, हमें भ्रष्ट करार दे दिया गया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए कई पूर्व आप सांसदों को राज्य एजेंसियों द्वारा धमकाया और दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा, ”आम आदमी पार्टी, जो दूसरों पर बदले की राजनीति का आरोप लगाती रही है, आज खुद खतरनाक प्रतिशोध की राजनीति में लिप्त है। 24 अप्रैल को जब हम आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तब से हमारे सांसदों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें परेशान किया जा रहा है।”
चड्ढा ने कुछ विशेष उदाहरण देते हुए दावा किया कि पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह पर हमला किया गया है, जबकि उद्योगपति एवं सांसद राजेंद्र गुप्ता के व्यावसायिक कार्यों में कथित तौर पर बाधा डाली गई है। हमने 24 अप्रैल, 2026 को आम आदमी पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। तब से हमारे सांसदों को परेशान किया जा रहा है। सबसे पहले, विश्व कप विजेता क्रिकेटर हरभजन सिंह के घर के बाहर ‘गद्दार’ लिखा गया।

