
तिरुवंनतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य लोकसेवा आयोग (केपीएससी)में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सतीशन ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केपीएससी में कथित अनियमितताओं के बारे में ‘चौंकाने वाली जानकारी’ मिली है और इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
कांग्रेस नीत राज्य सरकार ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ)सरकार के दौरान पीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं और सरकारी सेवाओं में की गई नियुक्तियों की अपराध शाखा से जांच के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ पीएससी में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की खबरों के आधार पर गंभीरता से जांच की जा रही है। मैं ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता लेकिन हमें जो भी जानकारी मिली है, वह चौंकाने वाली है। इसीलिए तो हम जांच कर रहे हैं।’’
सतीशन ने कहा, ‘‘जब जांच चल रही हो, तो उस पर टिप्पणी करना मेरे लिए सही नहीं है। सामने आए बहुत गंभीर आरोपों के आधार पर जांच हो रही है।’’
मुख्यमंत्री से जब संवाददाताओं ने पीएससी अध्यक्ष की सरकारी गाड़ी के लॉगबुक या आधिकारिक यात्रा रिकॉर्ड को दो महीने तक दर्ज नहीं किये जाने की खबरों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जा सकती है।
उन्होंने पीएससी में अनियमितताओं को लेकर अपराध शाखा द्वारा की जा रही जांच पर कहा कि रिपोर्ट सौंपे जाने से पहले इस पर कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
सतीशन ने कहा, ‘‘इसकी रिपोर्ट आने दीजिए। रिपोर्ट आए बिना और उसकी प्रकृति को समझे बिना, हमारे लिए कुछ भी कहना सही नहीं होगा। अभी इस पर टिप्पणी करना अनुचित होगा।’’
निम्न प्राथमिकी स्कूल शिक्षक (एलपीएसटी) उम्मीदवारों द्वारा किये जा रहे विरोध-प्रदर्शन से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए सतीशन ने कहा कि सरकार ने इस मामले पर विचार करने के लिए प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों से दो महीने का समय मांगा था और उनके साथ कई दौर की बातचीत भी की थी।
उन्होंने कहा,‘‘शिक्षा मंत्री ने उनसे तीन बार बात की। मैंने उन्हें अपने कक्ष में बुलाकर बात की। मैंने उनसे कहा कि वे इसे कुछ समय के लिए, यानी दो महीने तक टाल दें। इसके बाद, मेरे कहने पर शिक्षा मंत्री के अपर निजी सचिव ने जाकर सीधे विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर एक पत्र सौंपा।’’
सतीशन ने कहा, ‘‘केरल में किसी भी सरकार ने ऐसा नहीं किया है। हम उनके प्रदर्शन का विरोध नहीं कर रहे। हम मामले को समझने के लिए समय मांग रहे हैं। हम उनका अपमान नहीं कर रहे है।’’

