

रणदीप हुड्डा ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ते ‘सेट लीक्स’ के चलन पर गंभीर चिंता जताई है। उनका मानना है कि शूटिंग के दौरान चोरी-छिपे ली गई तस्वीरें और वीडियो किसी भी फिल्म की मौलिकता को नुकसान पहुंचाते हैं और पूरी टीम की मेहनत को कमजोर कर देते हैं।





जानबूझकर होते हैं कई लीक्स
रणदीप हुड्डा के अनुसार, हर लीक गलती से नहीं होता। कई बार यह जानबूझकर एक मार्केटिंग रणनीति के तहत किया जाता है ताकि फिल्म के आसपास चर्चा बनाई जा सके। हालांकि उन्होंने इसे एक “दोधारी तलवार” बताया। उनके मुताबिक इससे फिल्म को शुरुआती प्रचार तो मिल जाता है, लेकिन उसका रहस्य और असली जादू खत्म हो जाता है।
बड़े प्रोजेक्ट्स का उदाहरण
उन्होंने हाल के बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे किंग और रामायण का उदाहरण दिया। रणदीप ने कहा कि जब किसी बड़े स्टार का लुक पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है, तो सिनेमाघरों में उसे देखने की उत्सुकता कम हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के कारण सेट पर गोपनीयता बनाए रखना बहुत कठिन हो गया है।
कलाकारों के अनुभव पर असर
रणदीप के अनुसार, एक कलाकार चाहता है कि दर्शक उसका किरदार पहली बार बड़े पर्दे पर देखें, ताकि उसका प्रभाव अधिक गहरा हो। लेकिन लीक हुई तस्वीरें और वीडियो इस अनुभव को कम कर देते हैं। इससे न केवल दर्शकों की उत्सुकता प्रभावित होती है, बल्कि फिल्म का प्रभाव भी कमजोर पड़ता है।
‘इंस्पेक्टर अविनाश 2’ की तैयारी
अपने आगामी प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए रणदीप हुड्डा ने बताया कि वह जल्द ही इंस्पेक्टर अविनाश के दूसरे सीजन की शूटिंग शुरू करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि इस बार सेट पर सुरक्षा और सख्ती का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि कोई भी सामग्री पहले लीक न हो। उनका मानना है कि असली सफलता केवल अच्छे कंटेंट और ईमानदार काम से मिलती है, न कि वायरल लीक से।
