अब किन्नौर के शिपकी ला का रास्ता बना कैलाश मानसरोवर यात्रा‍ का विकल्प!

लिपुलेख मार्ग पर विवाद के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए हिमाचल के शिपकी ला मार्ग को बेहतर विकल्प बताया जा रहा है, केंद्र सरकार के सामने फिर प्रस्ताव रखा जाएगा।

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रामपुर : कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर लिपुलेख दर्रे पर नेपाल की आपत्ति के बाद अब हिमाचल प्रदेश का शिपकी ला मार्ग से यात्रा शुरू करने की मांग का दावा मजबूत हो गया है। हर साल लाखों श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रवाना होते हैं। नेपाल के लिपुलेख मार्ग से यात्रा पर विरोध के बाद हिमाचल के शिपकी ला से मानसरोवर यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को आसान विकल्प मिल जाएगा। ताजा घटनाक्रम के बाद प्रदेश सरकार इसी महीने एक बार फिर से यह मामला केंद्र सरकार से उठाने जा रही है। हिमाचल सरकार पहले ही केंद्र से किन्नौर स्थित शिपकी ला दर्रे के रास्ते मानसरोवर यात्रा शुरू करने की मंजूरी मांग चुकी है। राज्य सरकार का तर्क है कि यह मार्ग दूरी और सुविधाओं के लिहाज से अधिक उपयुक्त और सुरक्षित साबित हो सकता है। नेपाल ने हाल ही में लिपुलेख मार्ग को अपना क्षेत्र बताते हुए भारत और चीन को कूटनीतिक आपत्ति दर्ज करवाई है। प्रदेश सरकार द्वारा शिपकी ला मार्ग को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए व्यावहारिक विकल्प बताया गया था। जानकारों का मानना है कि शिपकी ला मार्ग से मानसरोवर यात्रा की दूरी नेपाल के पारंपरिक मार्गों की तुलना में कम पड़ती है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।