
Court Verdict : झारखंड के गुमला जिले में वर्ष 2015 में महिला के साथ दुष्कर्म और जानलेवा हमले के चर्चित मामले में 11 साल बाद अदालत का फैसला आया है। विशेष महिला एवं बाल न्यायालय ने आरोपी किशोर लोहरा को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे अतिरिक्त 6 महीने की जेल काटनी होगी।
यह फैसला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) सह विशेष न्यायाधीश (महिला, एससी-एसटी एवं बाल न्यायालय) प्रेम शंकर की अदालत ने सुनाया। कोर्ट ने गवाहों के बयान, पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस द्वारा पेश साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में दोषी पाया।
जंगल में अकेला पाकर किया हमला
घटना 14 जनवरी 2015 की है। प्राथमिकी के अनुसार, गांव की एक विवाहित महिला सूखी लकड़ी लाने जंगल गई थी। इसी दौरान सुनसान इलाके में गांव का ही युवक किशोर लोहरा, जो रिश्ते में महिला का भतीजा लगता था, अचानक सामने आया। आरोपी ने महिला को धमकाया और विरोध करने पर धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
मारपीट के बाद दुष्कर्म की वारदात
आरोप है कि आरोपी ने महिला को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और घटना के बाद मौके से फरार हो गया। मामले में लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
कोर्ट ने आरोपी को IPC की धारा 376 के तहत दुष्कर्म, धारा 323 और 324 के तहत मारपीट व धारदार हथियार से हमला तथा धारा 341 के तहत रास्ता रोकने के मामले में दोषी पाया। 11 साल की कानूनी प्रक्रिया के बाद पीड़िता को आखिरकार न्याय मिला।

