
नई दिल्ली : ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाला ‘नौतपा’ हर साल अपने साथ तेज गर्मी लेकर आता है, लेकिन ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इसे केवल मौसम नहीं बल्कि ऊर्जा परिवर्तन का समय भी माना जाता है। मान्यता है कि इन 9 दिनों में सूर्य की किरणें सबसे अधिक प्रभावशाली होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए किए गए छोटे उपाय भी बड़ा असर दिखाते हैं। साल 2026 में नौतपा को लेकर लोगों में खास उत्साह है, क्योंकि इसे आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जा रहा है।
घर की इस दिशा में रखें पानी से भरा पात्र
वास्तु शास्त्र के अनुसार नौतपा के दौरान घर की उत्तर-पूर्व यानी ईशान दिशा में मिट्टी का घड़ा या पानी से भरा तांबे का पात्र रखना बेहद शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि यह उपाय घर में शांति, सकारात्मक ऊर्जा और धन के प्रवाह को बढ़ाता है। अगर संभव हो तो उस पात्र में कुछ गुलाब की पंखुड़ियां या तुलसी के पत्ते भी डालें। इससे वातावरण में ठंडक और मानसिक शांति बनी रहती है। मान्यता है कि यह छोटा-सा उपाय परिवार में चल रही तनाव की स्थिति को भी कम करता है। नौतपा के दिनों में सुबह जल्दी उठकर सूर्य देव को जल अर्पित करना बेहद शुभ माना गया है। तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य को अर्घ्य देने से आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि होती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इससे करियर और आर्थिक क्षेत्र में आने वाली बाधाएं भी कम हो सकती हैं। इन 9 दिनों में घर में साफ-सफाई बनाए रखना बहुत जरूरी माना जाता है। खासकर मुख्य द्वार के आसपास गंदगी या टूटे सामान को न रखें। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को पानी, फल या ठंडी चीजों का दान करना भी शुभ माना गया है।
नौतपा केवल गर्मी का दौर नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा को अपनाने का समय भी माना जाता है। मान्यता है कि इन दिनों किए गए छोटे-छोटे शुभ कार्य पूरे साल जीवन में सुख और संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।

