
रांची: झारखंड में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के बीच हीट स्ट्रोक के मामलों में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। बढ़ते मामलों और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। अस्पताल प्रबंधन ने हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
रिम्स प्रशासन के अनुसार, हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों का उपचार मुख्य रूप से मेडिसीन और पीडियाट्रिक्स विभाग में किया जा रहा है। मरीज की स्थिति, उम्र और लक्षणों के आधार पर इलाज की प्रक्रिया तय की जाती है। वहीं, यदि मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि होती है, तो अस्पताल प्रबंधन अलग से डेडिकेटेड बेड की व्यवस्था भी कर सकता है।
रिम्स प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अत्यधिक गर्मी और तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि हीट वेव के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा घर से बाहर निकलते समय सिर और शरीर को ढककर रखने की सलाह दी गई है।
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है, क्योंकि इन वर्गों में हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सावधानी बरतकर और शरीर को हाइड्रेट रखकर हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

