
रांची : झारखंड पुलिस एसोसिएशन को 25 वर्षों में अब तक दस करोड़ पचास लाख चंदे के रूप में मिले हैं। चंदे की यह राशि कहां-कहां खर्च हुई इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जा रही है। इस निष्पक्ष जांच की मांग संगठन के लोग और वर्दीधारी ही कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर महीने सैलरी अकाउंट से पचास रुपए संगठन के नाम पर काटा जाता है। लेकिन यह राशि कहां खर्च की जाती है इसकी जानकारी नहीं मिलती।
खर्चों पर उठे गंभीर सवाल
वर्दीधारियों ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि इतनी बड़ी रकम को कहां और कैसे खर्च किया गया। इसका कोई पारदर्शी रिकॉर्ड सामने नहीं आ रहा है। आरोप लग रहे हैं कि राज्य के पुलिस कर्मियों के हित में इतनी बड़ी रकम कैसे खर्च हुए हैं। अब तक इसकी जानकारी साझा करनी चाहिए। पुलिसकर्मियों के विकास के नाम पर आई इस राशि का एक बड़ा हिस्सा कागजी दावों और फिजूलखर्ची की भेंट चढ़ गया है। जमीनी स्तर पर झारखंड के पुलिसकर्मियों को आज भी बुनियादी सुविधाएं नसीब नहीं हो रही है। वहीं एसोसिएशन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट महताब खान ने बताया कि अगर सदस्यों की ओर से जांच की मांग की जा रही है तो मामले की जांच करायी जा सकती है।

