बिहार विधान परिषद चुनाव: भाजपा-जदयू ने उम्मीदवारों की घोषणा की, निशांत कुमार को मिला टिकट

बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा और जदयू ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार समेत कई नए चेहरों को मौका मिला।

Razi Ahmad
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Bihar Legislative Council Election : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार विधान परिषद के आगामी द्विवार्षिक चुनाव के लिए शुक्रवार को अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी।

जदयू की सूची में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे एवं हाल में मंत्री बनाए गए निशांत कुमार का नाम भी शामिल है। बिहार की 75 सदस्यीय विधान परिषद की नौ सीट पर द्विवार्षिक चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव की घोषणा हाल में की गई थी।

यह उपचुनाव जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद रिक्त हुई सीट के लिए कराया जा रहा है।
विधान परिषद सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष का होता है।

पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष उमेश कुशवाहा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, उपचुनाव के लिए ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया गया है।
अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) की धनुक जाति से आने वाले ललन प्रसाद को जदयू नेतृत्व का करीबी माना जाता है।

आगामी चुनाव के लिए जदयू ने दो महिला उम्मीदवारों को भी मैदान में उतारा है, जिनमें पार्टी की प्रवक्ता एवं महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष भारती मेहता तथा पश्चिम चंपारण की पार्टी कार्यकर्ता शिवरानी देवी प्रजापति शामिल हैं।

मधुबनी की रहने वाली भारती मेहता पूर्व में बिहार राज्य संस्कृत शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष रह चुकी हैं। वह अत्यंत पिछड़ा वर्ग की नोनिया समुदाय से आती हैं। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की कुम्हार जाति से संबंध रखने वाली शिवरानी देवी प्रजापति जदयू की पूर्व प्रदेश महासचिव रह चुकी हैं।

जिन नौ सीट पर द्विवार्षिक चुनाव होने हैं, उनमें से चार सीट जदयू के पास थीं। पार्टी ने इस बार कम सीट पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है जबकि छह वर्ष पहले की तुलना में विधानसभा में जदयू की संख्या अधिक थी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दलों को समायोजित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। भाजपा 89 विधायकों के साथ विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी है।

पिछले कार्यकाल में नौ में से केवल दो सीट भाजपा के पास थीं लेकिन इस बार सत्तारूढ़ दल ने चार उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।
जदयू के सभी उम्मीदवार पिछड़े वर्गों से हैं, वहीं भाजपा ने सामाजिक संतुलन साधने के लिए सवर्ण, ओबीसी और ईबीसी वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया है।

भाजपा के संभावित सवर्ण उम्मीदवारों में पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी संजय मयूख शामिल हैं, जो लगातार तीसरी बार विधान परिषद चुनाव में जीत हासिल करने के लिए चुनाव मैदान में हैं।

इनके अलावा भोजपुरी अभिनेता एवं गायक पवन सिंह को भी उम्मीदवार बनाया गया है। सिंह ने 2024 का लोकसभा चुनाव काराकाट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा था। भाजपा के अन्य उम्मीदवार अनिल ठाकुर और शीला पंडित दोनों अत्यंत पिछड़ा वर्ग से आते हैं तथा जमीनी स्तर के कार्यकर्ता रहे हैं। जिन नौ सीट पर चुनाव होना है, उनमें से तीन सीट राजद-कांग्रेस गठबंधन के पास हैं।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे एवं राज्य मंत्री दीपक प्रकाश को भी उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

निशांत कुमार और दीपक प्रकाश दोनों वर्तमान में किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।

संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, मंत्रिमंडल में शामिल होने के छह महीने के भीतर उन्हें विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य निर्वाचित होना आवश्यक है। विधान परिषद की द्विवार्षिक चुनाव व उपचुनाव दोनों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि आठ जून निर्धारित की गई है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।