
नयी दिल्ली: जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा वादे के अनुरूप बहाल किए जाने में हो रही देरी पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को गहरी निराशा जताई।
उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर ‘‘गुस्सा और निराशा’’ केवल मोदी सरकार के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन्हें खुद भी इसकी वजह से ‘‘बहुत बड़ा राजनीतिक नुकसान’’ उठाना पड़ा है।
अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने में लगातार हो रही देरी से जम्मू-कश्मीर की जनता में निराशा पैदा हुई है, जो केवल केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है।
अब्दुल्ला ने यह भी स्वीकार किया कि उनकी अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है, क्योंकि वह लगातार ‘‘उन गलतियों की कीमत चुका रहे हैं, जो उनकी नहीं हैं।’’

