
झारखंड: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी अब रोजगार की तलाश में राज्य छोड़ने को मजबूर हैं। उचित सम्मान और नौकरी नहीं मिलने से कई प्रतिभाशाली एथलीट बिहार का रुख कर चुके हैं। घाटो की खिलाड़ी सपना कुमारी की कहानी इस समस्या की बानगी है, जिन्होंने पदक जीतने के बावजूद झारखंड में नौकरी न मिलने पर बिहार में अवसर तलाशा और अब सब इंस्पेक्टर बनने जा रही हैं।
झारखंड के घाटो की रहने वाली सपना कुमारी ने सपने में भी ये नहीं सोचा था कि उसे एक दिन उसी राज्य को छोड़कर जाना पड़ेगा जहां उसका बचपन बीता और जहां उसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता।
लेकिन जब नौकरी की बात आयी तो सपना से कहा गया कि वो तो बिहार की रहने वाली है उसे यहां नौकरी कैसे मिलेगी। परेशान होकर सपना ने बिहार का रूख किया और अब वो वहां सब इंस्पेक्टर बनने वाली है। ये कहानी झारखंड में केवल सपना की नहीं है, बल्कि झारखंड के पांच से छह राष्ट्रीय स्तर के एथलीट झारखंड से एनओसी लेकर बिहार जा चुके हैं।

