
Dumka News : उपराजधानी दुमका में लंबे समय से विवाद और जनआंदोलन का केंद्र रहे कोयला डंपिंग यार्ड को आखिरकार रेलवे स्टेशन परिसर से हटाने का फैसला लिया गया है। ईस्टर्न रेलवे के इस निर्णय के बाद रसिकपुर और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। आंदोलनकारियों ने आतिशबाजी कर और मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया।
सामाजिक कार्यकर्ता रविशंकर मंडल के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को करीब पांच वर्ष बाद सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि कोयला डंपिंग यार्ड को हटाने की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और कानूनी लड़ाई लड़ी गई। मामले को राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) तक भी पहुंचाया गया था।
आंदोलनकारियों का कहना था कि रेलवे स्टेशन के समीप स्थित कोयला यार्ड से उड़ने वाली धूल और प्रदूषण के कारण आसपास के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा था। इससे स्थानीय लोग श्वास संबंधी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे थे। लगातार जनदबाव और विरोध के बाद रेलवे प्रशासन ने यार्ड को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।
रविशंकर मंडल ने इसे केवल आंदोलनकारियों की नहीं, बल्कि पूरे दुमका शहर की जीत बताया। उन्होंने मिलिंद देवस्कर, केंद्रीय रेल मंत्रालय, कोयला मंत्रालय और जामा विधानसभा की पूर्व विधायक सीता सोरेन के प्रति आभार जताया। उनका कहना है कि सभी के सहयोग और पहल से वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है।
इस अवसर पर विष्णु यादव, संजय मंडल, अभय गुप्ता, गोवर्धन मंडल, जिमी यादव, मिकू यादव, मंजू गुप्ता, हेमंत श्रीवास्तव, मनोज कुमार, जगरनाथ पंडित, नित्यानंद कुमार, डॉ. बी. मरांडी, आशीष नायक, डिस्को मंडल, आकाश कुमार और प्रदीप कुमार सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

