


अपनी फिल्मों में प्यार, रिश्तों और इंसानी भावनाओं को बेहद संवेदनशील अंदाज में पेश करने वाले फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली एक बार फिर चर्चा में हैं। ‘रॉकस्टार’, ‘तमाशा’ और ‘लव आज कल’ जैसी यादगार फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले इम्तियाज ने हाल ही में एक इंटरव्यू में प्यार, आधुनिक रिश्तों, नई पीढ़ी की सोच और बॉलीवुड के बदलते ट्रेंड्स पर खुलकर अपनी राय रखी।





‘परफेक्ट लव स्टोरी’ जैसी कोई चीज नहीं होती
इम्तियाज अली का मानना है कि प्यार कभी भी पूरी तरह आसान या परफेक्ट नहीं होता। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी ऐसी प्रेम कहानी नहीं देखी, जिसमें कोई उलझन, संघर्ष या दिल टूटने का दर्द न हो। यही वजह है कि उनकी फिल्मों में रिश्ते हमेशा जटिल और भावनात्मक नजर आते हैं।
उनके अनुसार, प्यार का असली अर्थ खुद को पूरी तरह किसी के लिए समर्पित कर देना है। जब इंसान अपने अहंकार और डर से ऊपर उठकर प्रेम करता है, तभी उसे सच्ची आजादी और आत्मिक संतुष्टि का अनुभव होता है।
बचपन की यादों से जन्मी ‘मैं वापस आऊंगा’
हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के बारे में बात करते हुए इम्तियाज ने बताया कि इसकी प्रेरणा उन्हें अपने निजी जीवन से मिली। वह अपने पिता के साथ जमशेदपुर स्थित उस पुराने सरकारी क्वार्टर में गए थे, जहां उनका बचपन बीता था।
सालों बाद उस घर को देखकर वे बेहद भावुक हो गए। घर बदल चुका था और वहां अब कोई दूसरा परिवार रह रहा था। बचपन की यादों, पुराने आंगन और बीते समय की स्मृतियों ने उन्हें अंदर तक छू लिया। इसी भावनात्मक अनुभव ने उन्हें इस फिल्म की कहानी लिखने और बनाने के लिए प्रेरित किया।
नई पीढ़ी को है सच्चे रिश्तों की तलाश
मॉडर्न रिलेशनशिप्स पर अपनी राय रखते हुए इम्तियाज ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी पहले से कहीं ज्यादा गहरे और सच्चे रिश्तों की तलाश कर रही है। उनका मानना है कि आज के दौर में केवल आकर्षण या शारीरिक संबंध ही रिश्तों की पहचान नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी ‘प्योर कनेक्शन’ चाहती है। हालांकि, तेज रफ्तार जिंदगी और बढ़ते अकेलेपन के कारण कई युवा खुद को भटका हुआ महसूस करते हैं, लेकिन उनके भीतर सच्चे प्यार की इच्छा अब भी मौजूद है।
रोमांटिक फिल्मों का जादू कभी खत्म नहीं होगा
बॉलीवुड में एक्शन फिल्मों के बढ़ते प्रभाव पर इम्तियाज ने कहा कि रोमांटिक फिल्मों का दौर कभी खत्म नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि जब इंडस्ट्री में हर तरफ एक्शन फिल्मों का बोलबाला हो, तब एक बेहतरीन प्रेम कहानी दर्शकों पर और भी गहरा असर छोड़ती है।
उन्होंने ‘कयामत से कयामत तक’ और ‘मैंने प्यार किया’ जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छी लव स्टोरीज समय के साथ पुरानी नहीं पड़तीं। एक्शन फिल्में भले कुछ समय के लिए चर्चा में रहें, लेकिन दिल को छू लेने वाली प्रेम कहानियां हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहती हैं।
