
रांची : भाजपा की ओर से रिम्स के निदेशक डॉ. राजकुमार के इस्तीफे को लेकर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार, मनगढ़ंत और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं। भाजपा के पास जनता के मुद्दों पर बोलने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए वह हर प्रशासनिक विषय को राजनीतिक रंग देकर भ्रम फैलाने का असफल प्रयास कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा पहले यह स्पष्ट करें कि उनके गंभीर आरोपों का आधार क्या है? यदि उनके पास किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार, अवैध वसूली या उत्पीड़न के प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक करें या सक्षम जांच एजेंसी को सौंपें। केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर झूठे आरोप लगाना भाजपा की पुरानी आदत बन चुकी है।
कांग्रेस ने कहा कि दलित हितों की बात करने वाली भाजपा को पहले अपने शासनकाल का इतिहास देखना चाहिए। दलित, आदिवासी, पिछड़े और कमजोर वर्गों के अधिकारों पर सबसे अधिक चोट भाजपा सरकारों के दौरान हुई है। आज राजनीतिक लाभ के लिए दलित अधिकारियों का नाम लेकर मगरमच्छ के आंसू बहाना भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर करता है। कांग्रेस ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी लगातार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। यदि किसी प्रशासनिक स्तर पर कोई विषय उत्पन्न होता है तो उसके समाधान के लिए संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया मौजूद है। भाजपा को बिना तथ्यों के सनसनी फैलाने से बचना चाहिए।
कांग्रेस ने भाजपा को याद दिलाया कि जब वह सत्ता में थी तब झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी, दवाइयों का अभाव तथा अस्पतालों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं थी। आज वही भाजपा नैतिकता का पाठ पढ़ाने का प्रयास कर रही है, जो हास्यास्पद है। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा जनता का ध्यान बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, किसानों की समस्याओं और केंद्र सरकार की विफलताओं से हटाने के लिए इस तरह के निराधार आरोपों का सहारा ले रही है। झारखंड की जनता भाजपा की इस साजिश को अच्छी तरह समझती है। कांग्रेस ने भाजपा से आग्रह किया कि वह झूठ और दुष्प्रचार की राजनीति छोड़कर तथ्य आधारित विपक्ष की भूमिका निभाए। लोकतंत्र में आरोप नहीं, बल्कि प्रमाण और जवाबदेही का महत्व होता है। भाजपा का यह बयान उसकी राजनीतिक हताशा और निराशा का प्रमाण है।

