सशस्त्र बलों की ताकत बढ़ाने के लिए 52,000 करोड़ रुपये के अधिग्रहण प्रस्तावों को डीएसी की मंजूरी

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 52,000 करोड़ रुपये के सैन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिसमें मिसाइल सिस्टम, ड्रोन तकनीक और वायु रक्षा प्रणाली शामिल हैं, जिससे भारत की रक्षा क्षमता मजबूत होगी

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नई दिल्ली: रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने शुक्रवार को सशस्त्र बलों की युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने के लिए लगभग 52,000 करोड़ रुपये के विभिन्न अधिग्रहण प्रस्तावों को सैद्धांतिक प्रशासनिक मंजूरी दे दी। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारतीय सेना के लिए मानव रहित हवाई वाहन-रोधी (एंटी-यूएवी) इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली ‘आकाश तरंग’, मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम) प्रणाली, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल हथियार प्रणाली, बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली, टैंकों के लिए एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम और जेट-आधारित आत्मघाती ड्रोन प्रणाली की खरीद को मंजूरी दी गई है।”

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।