

Ranchi Board Meeting: पिछले तीन वर्षों से राजधानी में विकास कार्यों की रफ्तार थमने के बाद रांची नगर निगम क्षेत्र में अब विकास की नई उम्मीद जगी है। शनिवार को नगर निगम सभागार में आयोजित बोर्ड की बैठक में मेयर, सांसद, विधायक और सभी 53 वार्ड पार्षदों ने लंबित विकास कार्यों के लिए जल्द फंड जारी करने की मांग उठाई। नगर निगम चुनाव के बाद आयोजित बोर्ड की दूसरी बैठक में शहर के विकास से जुड़े 24 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई।





बैठक में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक सीपी सिंह, मेयर रोशनी खलखो, डिप्टी मेयर नीरज कुमार, नगर आयुक्त सुशांत कुमार समेत सभी वार्ड पार्षद मौजूद रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने शहर की मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर अपने सुझाव दिए।
सांसद संजय सेठ ने रांची को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा और सभी वार्डों में ओपन जिम स्थापित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही बढ़ती आबादी और अपराध को देखते हुए रांची में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने की मांग भी उठाई, ताकि कानून-व्यवस्था मजबूत हो और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वहीं राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने केंद्र सरकार पर राज्य का बकाया भुगतान समय पर नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वित्तीय संसाधनों की कमी से विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कई इलाकों में नियमित ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव की जरूरत बताई।
मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि लंबे अंतराल के बाद नगर निगम चुनाव तो हो गए, लेकिन अब भी पर्याप्त सरकारी फंड नहीं मिलने से विकास कार्य बाधित हैं। उन्होंने कहा कि सीएसआर के माध्यम से कुछ कार्य जरूर हुए हैं, लेकिन पूरे शहर के समग्र विकास के लिए नियमित सरकारी फंड उपलब्ध कराना आवश्यक है। बैठक में वार्डों के लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता देने और जल्द संसाधन उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
