नेतरहाट में फायर सेफ्टी की अनदेखी: पर्यटकों और स्कूली बच्चों की जान खतरे में

नेतरहाट के अधिकांश होटल और आवासीय स्कूल बिना फायर सेफ्टी मानकों व NOC के संचालित हो रहे हैं। प्रशासन ने कार्रवाई की चेतावनी देते हुए सुरक्षा इंतजाम तत्काल करने को कहा।

Razi Ahmad
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Netarhat News : लातेहार प्रकृति की गोद में बसा झारखंड का “रानी” कहलाने वाला नेतरहाट पर्यटकों को अपनी खूबसूरती से मोहता है। लेकिन इसी खूबसूरती के पीछे एक बड़ा खतरा पनप रहा है। देश में आए दिन आगजनी की घटनाओं के बावजूद नेतरहाट के अधिकांश होटलों और स्कूलों में फायर सेफ्टी पूरी तरह नदारद है। लापरवाही इस कदर है कि यहां संचालित कई प्रतिष्ठानों ने आज तक अग्निशमन विभाग से NOC तक नहीं ली है।

पर्यटन स्थल होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था शून्य

नेतरहाट में सालभर देश-विदेश से हजारों पर्यटक आते हैं। यहां कई बड़े-बड़े होटल, रिसॉर्ट, हॉस्टल और आवासीय स्कूल संचालित हैं। लेकिन जिला अग्निशमन पदाधिकारी भूपाल कुमार दास के अनुसार, नेतरहाट में स्थित अधिकांश होटलों में फायर सेफ्टी उपकरण तो दूर, विभागीय NOC भी नहीं ली गई है।

सबसे गंभीर बात यह है कि यहां लकड़ी और टीन से बने पुराने होटल भी हैं। गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट या रसोई में आग लगने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में बिना सुरक्षा इंतजाम के चल रहे होटल किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं।

स्कूलों में भी बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़

नेतरहाट में कई प्रतिष्ठित आवासीय स्कूल हैं जहां दूर-दराज से बच्चे पढ़ने आते हैं। जांच में पाया गया कि इन स्कूलों में भी फायर एग्जिट, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और अग्निशमन यंत्र जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। आपात स्थिति में सैकड़ों बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है, लेकिन स्कूल प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।

87 संस्थानों की जांच में खुली पोल

जिला अग्निशमन विभाग ने हाल ही में जिले भर के लगभग 87 संस्थानों की जांच की थी। इसमें नेतरहाट के होटल और स्कूल भी शामिल थे। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अधिकांश संस्थान बिना फायर सेफ्टी के ही संचालित हो रहे हैं।

जिला अग्निशमन पदाधिकारी भूपाल कुमार दास ने कहा, नेतरहाट जैसे संवेदनशील पर्यटन स्थल में यह लापरवाही अत्यंत गंभीर है। कुछ होटल संचालकों ने सिर्फ दिखावे के लिए 1-2 सिलेंडर रखे हैं। लेकिन मानक के अनुसार कोई व्यवस्था नहीं है। इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।

कैसे मिलती है फायर NOC?

अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि फायर सेफ्टी NOC के लिए अब ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था है। आवेदन के बाद विभाग की टीम भवन का निरीक्षण करती है। भवन के आकार और उपयोग के अनुसार फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट, अलार्म, एग्जिट और अन्य उपकरण लगवाए जाते हैं। सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही NOC जारी की जाती है।

उन्होंने कहा कि NOC सिर्फ एक कागज नहीं है। यह उस भवन में रहने वाले लोगों की सुरक्षा की गारंटी है। आग लगने पर शुरुआती 5 मिनट में ही आग पर काबू पाया जा सकता है, बशर्ते उपकरण सही जगह पर हों।

प्रशासन की चेतावनी और अपील

जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने नेतरहाट के सभी होटल संचालकों, स्कूल प्रबंधन और हॉस्टल संचालकों से अपील की है कि वे तत्काल अपने संस्थान में फायर सेफ्टी के इंतजाम करें और विभाग से NOC प्राप्त करें।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगली जांच में यदि किसी संस्थान में अनियमितता पाई गई तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संस्थान को सील भी किया जा सकता है। पर्यटकों और बच्चों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पर्यटकों और अभिभावकों में चिंता

नेतरहाट आने वाले पर्यटकों और यहां पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी होटलों और स्कूलों की तत्काल जांच कर फायर सेफ्टी सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि सुंदरता के साथ-साथ सुरक्षा भी जरूरी है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।