चीरो में भालू का आतंक, लेकिन वनपाल गुरु दयाल सिंह ने कहा – ‘एक भी परिवार को दिक्कत नहीं होने देंगे’

महुआडांड़ के चीरो गांव में भालू के आतंक से दहशत है। वनपाल गुरु दयाल सिंह ने मोर्चा संभालते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की और सुरक्षा का भरोसा दिया।

Razi Ahmad
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जंगल का राजा अब गांव की दहलीज पर है। महुआडांड़ के ओरसा पंचायत अंतर्गत चीरो गांव पिछले 10 दिनों से भालुओं के आतंक से सहमा हुआ है।

हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सूरज ढलते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर जाता है। लोग अपने घरों में दुबके हुए हैं और बच्चे-बुजुर्ग डर के साए में रात काट रहे हैं।

10 दिनों में 2 हमले, 3 जिंदगियां संकट में

ग्रामीणों के अनुसार बीते कुछ दिनों में चीरो गांव में भालुओं के हमले की 2 बड़ी घटनाएं हुई हैं। इन हमलों में गांव के 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को आनन-फानन में लातेहार सदर अस्पताल लाया गया, जहां उनका बेहतर इलाज जारी है।

डॉक्टरों के अनुसार सभी की स्थिति अब खतरे से बाहर है, लेकिन गांव में दहशत का माहौल कम होने का नाम नहीं ले रहा।एक घायल के परिजन ने आंसू भरी आंखों से कहा – खेत में काम करने गए थे। अचानक झाड़ियों से भालू निकला और हमला कर दिया। अब तो दिन में भी घर से निकलने में डर लगता है।

“डरेंगे नहीं, लड़ेंगे” – वनपाल गुरु दयाल सिंह ने रात में संभाला मोर्चा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मठ और जुझारू वनपाल श्री गुरु दयाल सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है। वन विभाग की टीम के साथ वे खुद रात 6बजे से 12 बजे तक साउंड सिस्टम लेकर गांव-गांव मुनादी कर रहे हैं।

लाउडस्पीकर से गूंज रही उनकी आवाज ग्रामीणों के लिए अब उम्मीद बन गई है। वे लगातार ये अपील कर रहे हैं:

“सावधान रहें, सतर्क रहें”

1. शाम 6 बजे के बाद घर से बाहर न निकलें

2. अकेले जंगल, खेत या नदी किनारे न जाएं

3. घर के आसपास कचरा और खाने की चीजें न फेंकें

4. भालू दिखे तो शोर मचाएं, समूह में रहें और तुरंत 100 या वन विभाग को सूचना दें

5. टॉर्च और लाठी साथ रखें

प्रशासन अलर्ट पर

वन विभाग ने गांव के प्रवेश और निकास द्वारों पर निगरानी बढ़ा दी है। वनपाल गुरु दयाल सिंह ने भरोसा दिलाया कि “एक भी परिवार को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। विभाग 24 घंटे अलर्ट पर है।”

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।