
रांची : रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आज से विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा महापर्व और भव्य रथ मेले की शुरुआत हो गई है। भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा आज शाम 5 बजे निकलेगी। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवान के दर्शन के लिए लोग तड़के 3 बजे से ही मंदिर पहुंचने लगे। देखते ही देखते भक्तों की कतार करीब दो किलोमीटर लंबी हो गई। फिलहाल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु लाइन में लगकर दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
दिन की शुरुआत सुबह 4 बजे पूजा-अर्चना और मंगल आरती के साथ हुई। बुधवार को भगवान के 15 दिनों के एकांतवास के बाद नेत्रदान की परंपरा पूरी की गई थी। इसके बाद भगवान ने भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर परिसर में 108 दीपों से भव्य मंगल आरती हुई और भगवान को मालपुआ का भोग लगाया गया। सुबह 5 बजे से शुरू हुए श्रीविग्रहों के दर्शन दोपहर 2 बजे तक जारी रहेंगे।
रथ पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत सिर्फ 13 लोगों को मिलेगी जगह
रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ पर कुल 13 लोग ही सवार होंगे। इनमें राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और एक अन्य जस्टिस, दो विधायक, सांसद संजय सेठ, पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय, मंदिर के प्रथम सेवक ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव और चार पुजारी शामिल हैं। रथ के पहियों के आसपास केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को ही रहने की अनुमति दी गई है। दोपहर 2 बजे दर्शन बंद होने के बाद श्रीविग्रहों को रथ तक लाया जाएगा। दोपहर 2:30 बजे भगवान को रथ पर विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद 2:30 से 3 बजे तक विशेष श्रृंगार होगा। शाम 3 बजे श्री विष्णु लक्षार्चना और 4:30 बजे अष्टकम गीता पाठ का आयोजन किया जाएगा।
शाम 5 बजे निकलेगी रथयात्रा, 25 जुलाई को घुरती रथयात्रा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम 5 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथयात्रा शुरू होगी। हजारों श्रद्धालु धर्मरथ को खींचते हुए भगवान को मौसीबाड़ी तक लेकर जाएंगे। शाम 6 बजे रथ मौसीबाड़ी पहुंचेगा। इसके बाद 6:46 बजे से 7 बजे के बीच भगवान का मौसीबाड़ी में प्रवेश कराया जाएगा। रात 8 बजे 108 दीपों से मंगल आरती होगी, जिसके बाद भगवान का शयन कार्यक्रम संपन्न होगा। रथयात्रा के साथ ही 10 दिनों तक चलने वाले ऐतिहासिक रथ मेले की भी शुरुआत हो गई है। इसके बाद 25 जुलाई को घुरती रथयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें भगवान दोबारा अपने मंदिर लौटेंगे।
2000 पुलिस जवान, 215 सीसीटीवी और चार ड्रोन से कड़ी सुरक्षा
रथयात्रा और मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र में करीब 2000 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। आयोजन समिति की ओर से 100 निजी सुरक्षा गार्ड भी लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ पर नजर रखने के लिए पूरे क्षेत्र में 215 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा चार ड्रोन से लगातार निगरानी की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि लाखों श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में दर्शन का अवसर मिल सके।
25 जुलाई तक बदली रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था, कई रास्तों पर नो-एंट्री
रथयात्रा और मेले को देखते हुए आज से 25 जुलाई तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू कर दी गई है। बिरसा चौक की ओर से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन शहीद मैदान में पार्क करेंगे। वहीं तुपुदाना, हटिया और धुर्वा की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए प्रभात तारा मैदान को पार्किंग स्थल बनाया गया है। रिंग रोड से आने वाले भारी और हल्के वाहन तिरिल मोड़, नॉर्थ गेट, प्रभात तारा मैदान और शालीमार बाजार होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। तिरिल मोड़ स्थित हेलिपैड में भी विशेष पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा तिरिल मोड़ से मौसीबाड़ी गोलचक्कर, शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर और प्रभात तारा मैदान के मुहाने से जगन्नाथपुर बाजार तक कार, ऑटो, सवारी वाहन और बाइक की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। बिरसा चौक से रिंग रोड जाने वाले वाहनों को सिंह मोड़, चांदनी चौक, धुर्वा गोलचक्कर और वीर कुंवर सिंह चौक होकर भेजा जाएगा। वहीं एचईसी और विधानसभा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं, ताकि मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने और श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

