
बालाघाट (मध्यप्रदेश): सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) के नवनियुक्त चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अनुपम मिश्रा ने शनिवार को कहा कि मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित कंपनी की मलांजखंड कॉपर परियोजना की उत्पादन क्षमता अगले चार सालों तक 25 लाख टन से बढ़ाकर 50 लाख टन करने की योजना पर तेज गति से काम हो रहा है। इसी महीने एचसीएल में शीर्ष पद संभालने के बाद पहली बार एमसीपी के दौरे पर आए मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में यह भी कहा कि साल 2030 तक इस मिनीरत्न (श्रेणी-I) उपक्रम की कुल उत्पादन क्षमता 1.22 करोड़ टन तक पहुंचाने के लिए कंपनी ने अपने पूंजीगत व्यय को चरणबद्ध तरीके से खर्च करने की योजना बनाई है।
उन्होंने कहा, ‘‘साल 2030 तक 1.22 करोड़ टन उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिए पूंजी व्यय योजना को पूरा करने पर ध्यान दिया जाएगा। हर परियोजना पर चरणबद्ध तरीके से और उसके महत्वपूर्ण पड़ावों पर कंपनी अधिकारी बारीकी से नजर रखेंगे, ताकि किसी भी रुकावट या बाधा को समय रहते दूर किया जा सके।’’ सार्वजनिक क्षेत्र की कपंनी की वर्तमान खदान अयस्क उत्पादन क्षमता लगभग 40 लाख टन प्रति वर्ष है। दुनिया भर में कॉपर की मांग उसकी आपूर्ति से अधिक होने का उल्लेख करते हुए मिश्रा ने कहा कि एचसीएल औद्योगिक विकास और प्रौद्योगिकी के मोर्चों पर ‘मिशन मोड’ से काम कर रही है ताकि ऐसा ना हो कि खनिजों की कमी की वजह से हम ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में पीछे रह जाएं।
मिश्रा ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान मलांजखंड में भूमिगत खदान, कंसंट्रेटर संयंत्र, पेस्टफिल संयंत्र, टेलिंग बांध और परियोजना विस्तार कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की तथा अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि मलांजखंड कॉपर परियोजना की सालाना क्षमता 25 लाख टन है और यह एचएसीएल के कुल उत्पादन में लगभग 70 प्रतिशत का योगदान देता है। मिश्रा ने कहा, ‘‘कंपनी 2030 तक इसकी क्षमता को 25 लाख टन से बढ़ाकर 50 लाख टन करने की योजना पर काम कर रही है। अलग-अलग परियोजनाओं पर काम संतोषजनक ढंग से आगे बढ़ रहा है। इसमें नए उत्पादन शाफ्ट, सर्विस शाफ्ट, वाइंडर, कंसंट्रेटर प्लांट और पेस्टफिल प्लांट को तैयार करना शामिल है।’’
उन्होंने कहा कि कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए राजस्थान के खेतड़नगर स्थित खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स (केसीसी) और झारखंड के घाटशिला स्थित इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स (आईसीसी) सहित अन्य परियोजनाओं की उत्पादन क्षमता में वृद्धि करने की योजनाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है। आईआईटी खड़गपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बी-टेक (ऑनर्स) और आईआईएम लखनऊ से प्रबंधन में स्नात्कोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीएम) करने वाले मिश्रा ने मलांजखंड में कर्मचारियों से टीम भावना और नई ऊर्जा के साथ कार्य करते हुए कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। मौजूदा परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने उत्पादन क्षमता बढ़ाने और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने पर बल दिया और साथ ही श्रमिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आधुनिक कार्यप्रणाली, सुरक्षा मानकों और दीर्घकालिक विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता जताई। एचसीएल में मिश्रा ने संजीव कुमार सिंह की जगह ली है, जो 30 जून को सेवानिवृत्त हुए थे। एचसीएल में शामिल होने से पहले, वह फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड (एफएसीटी) में निदेशक (विपणन) थे।

