
रांची: झारखंड में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने और संक्रामक व गैर-संक्रामक बीमारियों के बेहतर प्रबंधन के लिए पहल की गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर अब राज्य में होने वाली हर बीमारी की एक विस्तृत डिजीज प्रोफाइल तैयार किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत बीमारियों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इस प्रोफाइल से यह आसानी से पता चल सकेगा कि किस क्षेत्र या वर्ग में कौन सी बीमारी फैल रही है, उसके पीछे के क्या कारण हैं, वह किस मौसम में फैलती है और किस आयु वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। डिजीज प्रोफाइल की मदद से डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों की बीमारी को समझने और उसका तुरंत इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी।
प्रोफाइल के जरिए संक्रामक रोगों के प्रसार का सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा, जिससे महामारी को फैलने से पहले ही रोका जा सके। साथ ही बीमारी के जोखिम कारकों और जेनेटिक प्रवृत्तियों का भी विश्लेषण हो सकेगा। प्राप्त डेटा के आधार पर सरकार स्वास्थ्य बजट और जरूरी स्वास्थ्य नीतियां तय करेगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी क्षेत्र में कुपोषण या एनीमिया के मामले ज्यादा मिलते हैं, तो वहां विशेष पोषण अभियान चलाया जाएगा।
मरीजों का एक सटीक डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे उनके स्वास्थ्य की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर और डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए एक निजी कंपनी का चयन करने की जिम्मेदारी ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड’ को सौंपी गई है, जिसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस डैशबोर्ड के माध्यम से एक क्लिक पर किसी भी बीमारी से जुड़ी पूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी।

