
Internet Shutdown : राष्ट्रीय राजधानी में NEET पेपर लीक को लेकर जारी छात्रों के प्रदर्शन के बीच गुरुवार को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। एहतियात के तौर पर मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं, जबकि कई रास्तों पर यातायात भी प्रभावित रहा।
केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की पेशकश दोहराई गई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि वह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा छात्रों से किसी भी स्थान पर बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट किया कि वार्ता या तो प्रदर्शन स्थल पर हो या किसी तटस्थ स्थान पर आयोजित की जाए।
इस बीच, व्यापारिक संगठनों ने प्रदर्शन के कारण मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने और ट्रैफिक बाधित होने से कारोबार पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता जताई। सुरक्षा के मद्देनज़र कनॉट प्लेस के व्यापारियों को समय से पहले दुकानें बंद करने की सलाह भी दी गई।
राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे पर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना की, जबकि भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों का समर्थन किया।
प्रदर्शन के दौरान पथराव में दिल्ली पुलिस के एक एसीपी के घायल होने की भी सूचना है। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके तबीयत बिगड़ने के कारण कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल से चले गए। बाद में उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बीच लौटने की जानकारी दी। इस बीच, गीतांजलि आंगमो ने भी छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन किया।
उधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि छात्रों की चिंताओं को केवल कानून-व्यवस्था का मामला मानकर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से महिला छात्रों पर बल प्रयोग पर चिंता जताते हुए सरकार से संवाद और संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालने की अपील की।

