
Ranchi Land Scam : राजधानी रांची के चर्चित बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को विशेष पीएमएलए अदालत ने अहम आदेश सुनाया। अदालत ने इस मामले के 17 आरोपियों में से 14 के खिलाफ आरोप गठित (चार्ज फ्रेम) कर दिए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिनोद कुमार सिंह और राजकुमार पाहन के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया फिलहाल टाल दी गई है। इन तीनों की ओर से समय मांगे जाने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई 11 अगस्त निर्धारित की है।
विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के आधार पर चल रहा है। ईडी ने वर्ष 2023 में दर्ज ईसीआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। एजेंसी का आरोप है कि बड़गाईं-बरियातू क्षेत्र की गैर-हस्तांतरणीय भुईंहरी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध खरीद-बिक्री की गई और इस पूरे नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ।
जांच के दौरान ईडी ने कई दस्तावेज, बैंक खातों का रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और छापेमारी में बरामद डायरियों को अहम साक्ष्य बताया है। एजेंसी का दावा है कि इन दस्तावेजों से आरोपियों के बीच आर्थिक लेन-देन और कथित साठगांठ के संकेत मिले हैं, जिसके आधार पर अदालत से आरोप तय करने का अनुरोध किया गया था।
अदालत ने जिन 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित किए हैं, उनमें भानु प्रताप प्रसाद, तपस घोष, शेखर कुशवाहा, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, आनंद तिर्की उर्फ अंतु तिर्की, अफसर अली, मोहम्मद इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रिया रंजन सहाय, बिपिन सिंह, बिजेंद्र सिंह, संजीत कुमार और मोहम्मद इरशाद शामिल हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिनोद कुमार सिंह और राजकुमार पाहन की ओर से समय मांगे जाने के कारण उनके खिलाफ आरोप तय नहीं हो सके। अदालत अब इस संबंध में 11 अगस्त को आगे की सुनवाई करेगी। यह मामला झारखंड के सबसे चर्चित जमीन और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में से एक माना जाता है।

