
रांची: झारखंड में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब योजना की राशि आवंटन और भुगतान की प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी है। इस संबंध में झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण जल्द ही नई व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश जारी करेगा। वर्तमान व्यवस्था के तहत मध्याह्न भोजन योजना की राशि सरस्वती वाहिनी संचालन समिति के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके बाद समिति के अध्यक्ष और संयोजिका संयुक्त रूप से बैंक खाते से राशि की निकासी करते हैं और योजना से जुड़े खर्चों का भुगतान किया जाता है।
लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरस्वती वाहिनी संचालन समिति के बैंक खाते में सीधे राशि ट्रांसफर नहीं की जाएगी। अब स्कूलों को पहले मध्याह्न भोजन के लिए आवश्यक सामान खरीदना होगा। सामान खरीदने के बाद संबंधित बिल और वाउचर को कुबेर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। वाउचर और भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित दुकानदार या आपूर्तिकर्ता को सीधे राशि का भुगतान किया जाएगा। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और राशि के सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था का उद्देश्य मध्याह्न भोजन योजना में वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाना और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकना है। सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यम से भुगतान होने से रिकॉर्ड भी आसानी से उपलब्ध रहेगा और योजना के संचालन में जवाबदेही बढ़ेगी। नई प्रक्रिया लागू होने के बाद स्कूलों और संबंधित समितियों को भुगतान व्यवस्था में बदलाव के अनुसार काम करना होगा। इसके लिए जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

