भोपाल: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली जनसांख्यिकीय लाभांश को शैक्षणिक और रोजगार के अवसरों में बदलने में विफल रही है।
राहुल गांधी का युवाओं से संवाद का यह कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित किया जाएगा।
पटवारी ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नीति आयोग सहित विभिन्न स्रोतों के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि देश में 10 करोड़ से अधिक युवाओं को उच्च शिक्षा नहीं मिलती है और लगभग 12 करोड़ बच्चे स्कूली शिक्षा पूरी नहीं करते हैं।
कांग्रेस नेता पटवारी ने कहा कि एक तरफ भारत के सामने आने वाले वर्षों में घटती जन्म दर के कारण युवा आबादी में तेजी से गिरावट की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में बच्चे और युवा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच नहीं बना पा रहे हैं।।
उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है, लेकिन इसके लिए हर बच्चे को स्कूल तक पहुंच, हर युवा को उच्च शिक्षा और कौशल और रोजगार के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बच्चों का बीच में पढ़ाई छोड़ना, शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा नहीं जाना, सरकारी विद्यालयों की संख्या में लगातार कमी और लाखों युवाओं का उच्च शिक्षा से वंचित होने जैसी समस्याओं की वजह से जनसांख्यिकीय लाभांश शैक्षणिक लाभांश में नहीं बदला जा सकता है।
कांग्रेस प्रवक्ता अभय दूबे ने कहा कि भाजपा सरकार में शिक्षा महंगी होती जा रही है और दूसरी तरफ छात्रों तथा युवाओं के लोकतांत्रिक सवालों को भी आर्थिक बाधाओं से जोड़ना उचित नहीं है।
राजनीतिक संवाद और लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए, दुबे ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारों के साथ-साथ अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा एक-दूसरे को सहयोग और आतिथ्य प्रदान करती थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और आतिथ्य की परंपरा जारी रहनी चाहिए।
गौरतलब है कि इंदौर प्रशासन ने कांग्रेस को शहर के एक स्टेडियम में राहुल गांधी के कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
दुबे ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि सरकार तत्काल शिक्षा प्रणाली के आंकड़ों पर श्वेत पत्र जारी करे, खाली शिक्षकों के पदों को भरे, सरकारी विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करे और बच्चों और युवाओं के लिए शिक्षा से रोजगार तक एक स्पष्ट और समयबद्ध खाका पेश करे।
यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस ने इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए मैदान बुक करने के लिए प्रशासन की 10 लाख रुपये से अधिक की मांग का विरोध क्यों नहीं किया, पटवारी ने कहा कि वे कार्यक्रम के आयोजन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और इसलिए उन्होंने अन्यायपूर्ण मांग का विरोध नहीं किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने अतीत में शिष्टाचार के तौर पर भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में सहयोग किया है।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह भी जानना चाहा कि क्या भाजपा सरकार ने 17 और 18 सितंबर को अपने अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यक्रमों के लिए प्रशासन को भुगतान किया है।

