
नई दिल्ली : झारखंड में कथित पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। झारखंड के भाजपा सांसदों ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान सांसदों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ भी नारे लगाए और आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मामले में दोहरा रवैया अपना रही है। प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने किया। उनके साथ झारखंड से जुड़े भाजपा सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर संसद परिसर में विरोध दर्ज कराया। सांसदों ने आरोप लगाया कि राज्य में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा और झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा में गंभीर धांधली और पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड के बेरोजगार युवाओं ने वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लिया, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में पूरी तरह विफल रही है। उनका कहना था कि जब सरकार युवाओं को निष्पक्ष अवसर देने में असफल हो जाए तो उसे नैतिक आधार पर सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है।

भाजपा सांसदों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तत्काल इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना था कि जांच केवल औपचारिकता न बनकर दोषियों को कठोर सजा दिलाने तक पहुंचनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पूरे देश में पेपर लीक के मुद्दे पर अलग-अलग मापदंड अपनाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर नीट परीक्षा के पेपर लीक के मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार को घेरा, लेकिन झारखंड में अपनी सहयोगी सरकार पर लगे आरोपों पर चुप्पी साध रखी है। उन्होंने इसे कांग्रेस का ष्दोहरा चरित्रष् बताते हुए कहा कि एक ओर पार्टी नीट मामले में आंदोलन करती है, वहीं दूसरी ओर झारखंड में जेपीएससी और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर कोई जवाब नहीं देती। भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में युवाओं के हितों के प्रति गंभीर है, तो उसे झारखंड के अभ्यर्थियों के साथ भी समान संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। सांसदों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक सुविधा के अनुसार मुद्दों का चयन करती है और झारखंड के युवाओं के साथ हुए कथित अन्याय पर मौन बनी हुई है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य में लगातार भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आने से युवाओं का सरकारी तंत्र पर विश्वास कमजोर हुआ है। उनका कहना था कि भाजपा इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी और राज्य के युवाओं को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। सांसदों ने केंद्र से भी मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और यदि आवश्यक हो तो संबंधित जांच एजेंसियों से इसकी गहन पड़ताल कराई जाए। भाजपा के इस प्रदर्शन के बाद झारखंड में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड सरकार या कांग्रेस की ओर से भाजपा के इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

