
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को 2020 के दंगा मामले को रद्द किए जाने के पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ चंडीगढ़ प्रशासन की याचिका पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) के अन्य नेताओं से जवाब मांगा। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मुख्यमंत्री मान के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के नेताओं हरपाल सिंह चीमा, गुरमीत सिंह, मीत हेयर, बलजिंदर कौर, अमन अरोड़ा और अन्य को नोटिस जारी किए।

