सुप्रीम कोर्ट ने डेटा संरक्षण कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र से जवाब मांगा

Archana Ekka
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नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम के माध्यम से सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम में किए गए संशोधनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर और अधिवक्ता प्रशांत भूषण की दलीलें सुनने के बाद केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सरकार का जवाब दाखिल करने को कहा।

याचिकाओं में कहा गया है कि इन संशोधनों से पारदर्शिता कमजोर होती है, क्योंकि व्यक्तिगत जानकारी के प्रकटीकरण से जुड़े जनहित संरक्षण प्रावधान को हटा दिया गया है। इन याचिकाओं में आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(जे) में किए गए संशोधन को चुनौती दी गई है। यह धारा व्यक्तिगत जानकारी के प्रकटीकरण से संबंधित अपवादों का प्रावधान करती है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।