
रांची: झारखंड प्रदेश कान्यकुब्ज वैश्य हलवाई महासभा ने रविवार को मैकी रोड स्थित राजकलश भवन में महर्षि मोदन सेन जी महाराज की जयंती, पारिवारिक मिलन समारोह और श्रावण महोत्सव का भव्य आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र गुप्ता और प्रदेश के आजीवन अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर श्री गणेश स्तुति के साथ की।
इस अवसर पर स्वजातीय बंधुओं, माताओं व बहनों ने हवन-पूजन और भगवान भोलेनाथ के रुद्राभिषेक में हिस्सा लिया। इसके बाद महर्षि मोदन सेन जी की आरती कर घी के महाप्रसाद का वितरण किया गया तथा महाकवि जयशंकर प्रसाद को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वैश्य समाज देश की प्रगति को गति देने वाला समाज है। इसमें हलवाई समाज का योगदान विशेष है, जो पूरे समाज का पेट भरता है और जिनकी बनाई मिठाइयों का भोग ईश्वर को भी लगता है। अध्यक्ष दीनानाथ गुप्ता ने समाज से अपील की कि विवाह योग्य वर-कन्याओं के सामूहिक विवाह के लिए आवेदन संस्था में जमा करें, जिसका पूरा खर्च महासभा वहन करेगी।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि महासभा के प्रयासों से समाज झारखंड में अति पिछड़ा वर्ग (EBC) में शामिल है, जिसका लाभ सभी को उठाना चाहिए।
समारोह के दौरान कोडरमा जिलाध्यक्ष नीरज कुमार साहा ने राज्य सरकार से झारखंड के प्रत्येक जिले में महाकवि जयशंकर प्रसाद के नाम पर सामुदायिक भवन निर्माण कराने की मांग की। उन्होंने महासभा के संस्थापक सदस्यों समाजसेवी जवाहर लाल गुप्ता, राजकुमार गुप्ता और स्व. अर्जुन प्रसाद के योगदान को याद किया।
वहीं पलामू जिलाध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता ने समाज में बढ़ती शिक्षा और जागरूकता पर खुशी जताई, जबकि महामंत्री बिरेंद्र प्रसाद ने बताया कि महासभा भविष्य में तीन मुख्य एजेंडों जमीन अधिग्रहण, धर्मशाला निर्माण और गरीब परिवारों के सामूहिक विवाह पर काम करेगी।
इस भव्य सम्मेलन में राज्यभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजकुमार गुप्ता, दीनानाथ गुप्ता, बिरेंद्र प्रसाद, सुरेश प्रसाद गुप्ता और कोर कमेटी के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। अंत में महामंत्री बिरेंद्र प्रसाद ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

