50 के हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने दी बधाई

हेमंत सोरेन के 50वें जन्मदिन पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने शुभकामनाएं दीं। जानिए उनके राजनीतिक सफर, मुख्यमंत्री बनने और झारखंड की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका की पूरी कहानी।

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रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को 50 वर्ष के हो गए। उनके 50वें जन्मदिन पर उन्हें बधाईयां देनेवालों का तांता लगा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा- झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं। ईश्वर उन्हें लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने हेमंत सोरेन को बधाई देते हुए कहा कि जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं। इसी तरह खिजरी से कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री और लोकप्रिय जननेता हेमंत सोरेन को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना करता हूं। आपके आपके नेतृत्व में झारखंड निरंतर विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे।

नेमरा गांव में हुआ था हेमंत सोरेन का जन्म

हेमंत सोरेन का जन्म 10 अगस्त 1975 को झारखंड के रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था। वह वरिष्ठ आदिवासी नेता और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन के बेटे हैं। हेमंत सोरेन ने राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई और झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख आदिवासी नेता के रूप में उभरे।

2009 में शुरू हुआ संसदीय राजनीतिक सफर

हेमंत सोरेन का संसदीय राजनीतिक सफर वर्ष 2009 में शुरू हुआ, जब वह झारखंड से राज्यसभा सदस्य बने। सितंबर 2010 में उन्हें झारखंड का उपमुख्यमंत्री बनाया गया और वह जनवरी 2013 तक इस पद पर रहे। इसके बाद वर्ष 2013 में उन्होंने झामुमो, राजद और कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार का नेतृत्व करते हुए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

पहली बार 2013 में बने मुख्यमंत्री

हेमंत सोरेन का झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में पहला कार्यकाल 13 जुलाई 2013 से 23 दिसंबर 2014 तक रहा। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में वह दुमका सीट से हार गए, लेकिन बरहेट विधानसभा सीट से जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत बनाए रखी। जनवरी 2015 में उन्हें झारखंड विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया।

2019 में दूसरी बार संभाली मुख्यमंत्री की कुर्सी

वर्ष 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन को बहुमत मिला। हेमंत सोरेन ने दुमका और बरहेट दोनों विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। इसके बाद वह दूसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने। वर्ष 2022 में उन्होंने झारखंड विधानसभा में विश्वास मत भी सफलतापूर्वक हासिल किया, जिससे मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी स्थिति और मजबूत हुई। हालांकि, जमीन से जुड़े कथित घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बीच हेमंत सोरेन ने 31 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। हेमंत सोरेन को 28 जून 2024 को जेल से रिहा किया गया। रिहाई के बाद उन्होंने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद संभाला और जुलाई 2024 में दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह वह झारखंड की राजनीति के सबसे बड़े पद पर फिर लौटे। आज अपने जन्मदिन पर हेमंत सोरेन को अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से शुभकामनाएं मिल रही हैं। उनके समर्थक भी जन्मदिन के मौके पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।