
तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बृहस्पतिवार को स्वीकार किया कि वह मादक पदार्थ ‘एमडीएमए’ की जब्ती के मामले में गिरफ्तार किए गए युवा कांग्रेस कार्यकर्ता समेत दोनों युवाओं को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि उनके कार्यालय ने उनकी आलोचना करने वाली खबरों को हटाने के लिए ‘मेटा’ से सिफारिश की थी। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने बुधवार को केरल की कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार पर ‘‘अघोषित सोशल मीडिया सेंसरशिप’’ का आरोप लगाया था। उन्होंने कासरगोड में मादक पदार्थ जब्ती के मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरों को सोशल मीडिया से हटाए जाने का मुद्दा उठाया था। बताया जाता है कि गिरफ्तार व्यक्ति सतीशन का सोशल मीडिया समन्वयक था।
सतीशन ने संवाददाताओं से कहा कि वह गिरफ्तार किए गए दोनों लोग हम्मद हुसैन और अब्दुल सलाम को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहली बात, मैं गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। इनमें से मोहम्मद हुसैन युवा कांग्रेस का कार्यकर्ता था।’’ सतीशन ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में निकाली गई ‘नव केरल सदास’ यात्रा के दौरान पेरुंबवूर के कुरुपमपाडी में एमजीएम स्कूल के सामने पुलिस के लाठीचार्ज में हुसैन के गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्होंने पहली बार उसे फोन किया था। बाद में, जब वह विधायक और पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ वेंगोला पंचायत में एक कार्यक्रम में भाग लेने गए, तो उन सभी ने सुझाव दिया कि उन्हें हुसैन से मिलना चाहिए। सतीशन ने कहा कि उस समय न तो पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं को और न ही आम लोगों को हुसैन के मादक पदार्थ जब्ती के मामले में शामिल होने की जानकारी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘उसकी गिरफ्तारी के बाद ही हम सभी को इसके बारे में पता चला।’’ मुख्यमंत्री ने इस बात से भी इनकार किया कि हुसैन उनकी सोशल मीडिया टीम का हिस्सा था। ‘मेटा’ से जुड़े आरोपों पर सतीशन ने कहा कि उनके कार्यालय ने मुख्यमंत्री कार्यालय के इंस्टाग्राम खाते को बहाल करने के संबंध में कंपनी से केवल एक अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि दो महीने बीत जाने के बावजूद यह खाता अब तक बहाल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के समर्थन में की गई कई पोस्ट भी सोशल मीडिया से हटा दी गई हैं। सतीशन ने कहा, ‘‘यदि आपकी समाचार खबर या सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी गई हैं, तो आपको उन्हें बहाल कराने का प्रयास करना चाहिए। सरकार इसमें आपका सहयोग करेगी। मैं स्वयं मेटा को पत्र लिखने के लिए तैयार हूं कि मेरी आलोचना करने वाली पोस्ट न हटाई जाएं।’’

