

रांची: हजारीबाग स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में आयकर विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 381 करोड़ रुपये की जमीन खरीद-बिक्री से जुड़ी वित्तीय विसंगतियों का खुलासा किया है। आयकर विभाग की गुप्तचर एवं आपराधिक अन्वेषण शाखा रांची की टीम ने गुरुवार को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का औचक दौरा कर स्पॉट वेरिफिकेशन और सर्वे की कार्रवाई को अंजाम दिया। आयकर अधिकारियों के अनुसार यह जांच हजारीबाग सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में उपलब्ध जमीन खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड्स और आयकर विभाग को भेजे जाने वाले वित्तीय लेनदेन के विवरण के मिलान को लेकर की गई थी। जांच के दौरान विभाग को 381 करोड़ के लेनदेन में भारी गड़बड़ी मिली है।




आयकर विभाग की टीम ने दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक करीब छह घंटे तक सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में फाइलों, दस्तावजों और सर्वर की बारीकी से जांच की। आयकर सूत्रों के अनुसार, हजारीबाग कार्यालय द्वारा पिछले लगभग 4 वर्षों से 10 लाख से 30 लाख तक की जमीन खरीद-बिक्री से जुड़ी SFT (Special Financial Transaction) रिपोर्ट आयकर विभाग को नहीं भेजी जा रही थी। इस रिपोर्ट के न मिलने से आयकर विभाग को बड़े वित्तीय लेनदेन और बेनामी संपत्ति का पता लगाने में बाधा आ रही थी, जिससे सरकार को मिलने वाले राजस्व को भारी नुकसान पहुंच रहा था। आयकर नियमों के तहत 20 दिनों के भीतर सही डाटा अपलोड न करने या गलत जानकारी देने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और 500 प्रतिदिन के हिसाब से 50,000 तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एस.एन. कुजूर, आयकर अधिकारी संजीव कुमार दास और आयकर निरीक्षक राम अयोध्या कुमार सहित अन्य अधिकारियों की टीम ने किया। जांच टीम के समक्ष डीआर-कम-सब-रजिस्ट्रार ने डाटा अपलोड न होने की बात स्वीकार की है, जिसके बाद अब संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

