

मुरैना: मध्यप्रदेश के भिंड जिले में रविवार सुबह चंबल नदी के बढ़े जलस्तर के बीच करीब 40 यात्रियों को ले जा रहा एक स्टीमर ईंधन खत्म होने के कारण कुछ देर के लिए नदी के बीच फंस गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुरैना के जिलाधिकारी लोकेश जांगिड़ ने बताया कि ईंधन खत्म होने के बाद स्टीमर तेज बहाव वाले पानी में असहाय होकर बहने लगा। स्थानीय प्रशासन ने डीजल की व्यवस्था कर स्टीमर में ईंधन भरवाया, जिसके बाद उसे सुरक्षित नदी के किनारे पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि स्टीमर में सवार करीब 35 से 40 लोग सुरक्षित हैं। जांगिड़ ने बताया कि स्टीमर उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग द्वारा आगरा से संचालित किया जा रहा था और उसमें जीवन रक्षक जैकेट उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने कहा कि घटना के समय यात्री मुरैना की अंबाह तहसील से आगरा की बाह तहसील स्थित एक मंदिर जा रहे थे।





जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘मैंने आगरा के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर उन्हें घटना की जानकारी दी है। आगरा जिला प्रशासन को बताया गया है कि स्टीमर में जीवन रक्षक जैकेट नहीं थे।’’ उन्होंने बताया कि आगरा के जिलाधिकारी से लोक निर्माण विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि ऐसे स्टीमर में जीवन रक्षक जैकेट उपलब्ध हों और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कम से कम दो-तीन जवान भी सवार रहें। जांगिड़ ने बताया कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर कई श्रद्धालु इस मार्ग से आवागमन कर रहे हैं। चंबल नदी मध्यप्रदेश में महू के पास विंध्य पर्वतमाला की जानापाव पहाड़ियों से निकलती है। यह राजस्थान और उत्तर प्रदेश से होकर बहती है और इटावा के पास यमुना नदी में मिल जाती है।
