

सदर हॉस्पिटल कैंपस में कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर बिना लाइसेंस कर रहा रेडियोलॉजी टेस्ट





हर दिन ओपीडी में पहुंच रहे हैं 2000 के लगभग मरीज
विवेक शर्मा
रांची: चिराग तले अंधेरा वाली कहावत तो आपने सुनी होगी। कुछ ऐसा ही चल रहा है राजधानी के दूसरे सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल सदर में। जहां बिना क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में रजिस्ट्रेशन कराए ही रेडियोलॉजी सेंटर चल रहा है। जी हां, सदर अस्पताल परिसर स्थित कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर बिना वैध लाइसेंस के ही धड़ल्ले से रेडियोलॉजी टेस्ट की सुविधाएं दे रहा है। स्वास्थ्य नियमों और मानकों की धज्जियां उड़ाने वाले इस सेंटर पर अब तक जिम्मेदार अधिकारियों की नजर न पड़ना चिराग तले अंधेरा वाली कहावत को सच साबित कर रहा है। बता दें कि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का पालन कराने वाले भी सदर हॉस्पिटल कैंपस में ही बैठते है। इसके बावजूद आजतक किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया।
100 से अधिक लोगों की हर दिन की जा रही है रेडियोलॉजी जांच
अस्पताल की ओपीडी में रोजाना लगभग 2000 मरीज अपना इलाज कराने पहुंचते हैं, जिनमें से 100 से अधिक मरीजों को हर दिन विभिन्न रेडियोलॉजी जांच के लिए इसी सेंटर में भेजा जाता है। बिना वैध लाइसेंस के इतनी बड़ी संख्या में मरीजों की जांच करना न सिर्फ सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों की सेहत के साथ भी सीधा खिलवाड़ है।
नियमों का उल्लंघन करने पर फाइन के साथ सील करने का है प्रावधान
नियमों के मुताबिक बिना लाइसेंस या मानकों के विपरीत संचालित होने वाले डायग्नोस्टिक सेंटरों पर भारी जुर्माने के साथ-साथ परिसर को तुरंत सील करने का कड़ा प्रावधान है। इसके बावजूद जहां स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी खुद बैठते हैं, ठीक उसी कैंपस में नियमों को ताक पर रखकर यह सेंटर बेधड़क चल रहा है। अब देखना यह होगा कि इस गंभीर लापरवाही पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
कैसे मामला आया सामने
सदर अस्पताल कैंपस में चल रहे कृष्ण डायग्नोस्टिक सेंटर का पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत कुछ जानकारी मांगी गई। वहीं ड्यूटी में तैनात डॉक्टर की भी डिटेल उपलब्ध कराने को कहा गया। जब इसकी जानकारी लेने सेंटर की मैनेजर सिविल सर्जन ऑफिस पहुंचे तो वहां पर लाइसेंस नहीं लिए जाने का खुलासा हुआ। वहां मौजूद अधिकारी ने सेंटर मैनेजर को लाइसेंस लेने और ड्यूटी डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन कराने को कहा।
रांची के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर प्रवीण सिंह ने बताया कि कोई भी रेडियोलॉजी सेंटर बिना लाइसेंस के नहीं चल सकता। एक्ट का उल्लंघन करने पर फाइन लगाने का प्रावधान है। वहीं सेंटर को सील भी किया जा सकता है।
