रांची: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम को शनिवार को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि राज्य तथा देश के लिए गर्व का विषय है।

स्वर्ण पदक जीतने वाली हॉकी टीम की चार खिलाड़ी झारखंड की हैं। टीम की कप्तान सलीमा टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग सिमडेगा से हैं, जबकि निक्की प्रधान खूंटी जिले से हैं।
गंगवार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। भारतीय टीम में झारखंड की बेटियों (कप्तान सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग) का शामिल होना पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है।”
सोरेन ने कहा कि एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय और प्रत्येक भारतीय के लिए सुनहरा क्षण है।
सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देश के लिए गर्व की बात और प्रत्येक भारतीय के लिए सुनहरा क्षण है। देश के कोने-कोने से आए हमारे खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और उत्साह से देश का गौरव बढ़ाया है। स्वर्ण, रजत और कांस्य-हर पदक के पीछे वर्षों की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष होता है।”
सोरेन ने “जुझारु कप्तान सलीमा टेटे के नेतृत्व” में महिला हॉकी में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने के लिए “टीम इंडिया को विशेष बधाई और शुभकामनाएं” दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह उपलब्धि झारखंड के साथ-साथ पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। एशियाई खेलों में पदक जीतने और देश का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी खिलाड़ियों, उनके कोच और सहयोगी स्टाफ को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।”
हॉकी झारखंड के महानिदेशक विजय शंकर सिंह ने भी टीम और सभी खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा, “जब हमारी चार बेटियां लौटेंगी, तो रांची में उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। हॉकी झारखंड ने उनके स्वागत की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मैं झारखंड के लोगों से अपील करता हूं कि वे आएं और उनके स्वागत में हमारे साथ शामिल हों।”
हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, “यह ऐतिहासिक जीत देश और झारखंड के लिए बहुत खास है, क्योंकि हमारी चार बेटियां भारतीय टीम का हिस्सा हैं। इससे न केवल हमारे युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में नई ऊर्जा आएगी, बल्कि उन्हें हमारी बेटियों द्वारा बनाई गई विरासत को आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी मिलेगी।”
कोनबेगी ने बताया कि प्रधान एशियाई खेलों में अब तक तीन पदक जीतने वाली झारखंड की एकमात्र खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2018 में रजत, 2022 में कांस्य और इस बार स्वर्ण पदक जीता।
प्रधान की बड़ी बहन शशि प्रधान ने कहा, “भारतीय महिला हॉकी टीम और झारखंड की चारों बहनों (जिनमें मेरी छोटी बहन निक्की भी शामिल है) को बहुत-बहुत बधाई। स्वर्ण पदक जीतने के बाद घर में जश्न का माहौल है। यह निक्की का तीसरा एशियाई खेल था और उसने स्वर्ण पदक जीता। हम बहुत खुश हैं।”
सलीमा टेटे के पिता सुलक्षण टेटे ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, “भारतीय महिला टीम की जीत पूरे देश, झारखंड और निश्चित रूप से परिवार के लिए गर्व का विषय है। जापान में एशियाई खेलों में उसकी ऐतिहासिक जीत पर मुझे बहुत गर्व है। टीम ने न केवल स्वर्ण पदक जीता बल्कि आगामी ओलंपिक में भी अपनी जगह पक्की कर ली। यह हमारे लिए बहुत गर्व का क्षण है।”
हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष सुनील तिर्की ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की जीत उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है।


