श्रीनगर: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर एशियाई खेलों में अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखने वाली भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की शनिवार को सराहना करते हुए कहा कि श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम ने दबाव से भरे फाइनल मुकाबले को शानदार तरीके से संभाला।

भारत ने जापान के निशिन में खेले गए फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने पिछले सप्ताह अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा था।
मन्हास ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘टूर्नामेंट की अब तक की सर्वश्रेष्ठ टीम। हम गत चैंपियन हैं और इस बार टीम ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है।’’

उन्होंने खास तौर पर दबाव की परिस्थितियों में टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई।
मन्हास ने कहा, ‘‘उन्होंने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराया, जो मुझे लगता है कि अब ज्यादा चुनौती पेश नहीं करता। हमारी टीम ने जिस तरह दबाव की परिस्थितियों को संभाला उस तरह दुनिया की कोई दूसरी टीम ऐसा नहीं कर सकती।’’
उन्होंने स्वर्ण पदक के मुकाबले में महत्वपूर्ण पारियां खेलने वाले तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा की भी तारीफ की।
उन्होंने कहा, ‘‘यह टीम ‘गेम’ है। अभिषेक शर्मा ने पारी की लय तय की और फिर तिलक वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी की। सलामी बल्लेबाजों का काम पारी की नींव रखना होता है, जबकि मध्यक्रम उसे खत्म करता है। इसलिए सलामी बल्लेबाज मूल रूप से खेल का रुख तय करते हैं।’’
मन्हास ने कहा, ‘‘भारतीय टीम की बल्लेबाजी शानदार रही और गेंदबाजी की बात करें तो सभी ने मिलकर अच्छे स्कोर का बचाव किया।’’
दिल्ली के इस पूर्व क्रिकेटर ने बीसीसीआई सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पुरुष और महिला टीमों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए आईसीसी प्रमुख जय शाह का भी आभार जताया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां एक बार फिर जय शाह को धन्यवाद देना चाहता हूं। उस समय वह (बीसीसीआई) सचिव थे और इस टीम को तैयार करने में उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ पुरुष टीम ही नहीं, हमारी महिला टीम ने भी (वनडे) विश्व कप जीता है। इसमें उनका योगदान बहुत बड़ा रहा है। इसलिए उन्हें भी विशेष धन्यवाद।’’
मन्हास ने एशियाई खेलों की इस जीत को क्रिकेट प्रशंसकों और सशस्त्र बलों को समर्पित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह जीत उन हजारों करोड़ प्रशंसकों को समर्पित की जानी चाहिए, जो भारतीय टीम के लिए प्रार्थना करते हैं। खास तौर पर उन सैनिकों को, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।’’
एशियाई खेलों में क्रिकेट के आकर्षण का केंद्र बनने पर मन्हास ने कहा कि इस खेल को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया भर की अलग-अलग टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं और हर देश क्रिकेट से जुड़ रहा है। यह बहुत अच्छी बात है कि क्रिकेट वैश्विक खेल बन रहा है।’’
कश्मीर में क्रिकेट से मन्हास के करीबी जुड़ाव के कारण उन्होंने भविष्य में इस क्षेत्र के और खिलाड़ियों को देश का प्रतिनिधित्व करते देखने की उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा, ‘‘बारामूला से आने वाले आकिब नबी ने काफी मेहनत के दम पर यहां तक का सफर तय किया है। जब वह (स्थानीय क्रिकेट में) खेलते थे, उस समय बीसीसीआई ही (जम्मू-कश्मीर क्रिकेट) चला रहा था। अब बीसीसीआई ने इस संघ को अपना पूरा समर्थन दिया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने भविष्य में भी इसे लगातार समर्थन देने का वादा किया है। यहां काफी प्रतिभाएं हैं और उन्हें सिर्फ सही तरीके से तराशने और समर्थन देने की जरूरत है।’’


