तमिलनाडु की सड़कों से हटेंगे जातिसूचक नाम, चेन्नई से हुई शुरुआत

तमिलनाडु में सार्वजनिक जगहों से जातिसूचक नाम हटाने की पहल शुरू, चेन्नई के तीन जोन में 77 सड़कें चिन्हित; पूरी तरह जाति आधारित नामों को बदलने की तैयारी।

Razi Ahmad
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चेन्नई : तमिलनाडु में टीवीके सरकार ने भी राज्य के रिहायशी इलाकों और सड़कों से जातिसूचक नाम हटाने का फैसला किया है। सीएम जोसेफ विजय के निर्देश पर इसकी शुरुआत चेन्नई से हुई है। ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन (GCC) को सार्वजनिक जगहों से जातिसूचक संदर्भों की पहचान करने और उन्हें हटाने की तैयारी शुरू कर दी है।

कॉरपोरेशन ने सभी 15 जोन के अधिकारियों की सड़कों के नाम चेक करने की ड्यूटी लगा दी है। अभी तक चेन्नई के तीन जोन में जातिगत नाम वाली 77 सड़कों को चिह्नित किया गया है। सीएम विजय खुद निगरानी समिति की बैठक में इस पहल की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

आईएएनएस के अनुसार, तमिलनाडु की टीवीके सरकार ने भी सामाजिक न्याय पहल के तहत ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन को सार्वजनिक जगहों से जातिसूचक नाम और संकेतों को हटाने के निर्देश दिए हैं।

जीसीसी ने अब तक कोडंबक्कम, वलसरवक्कम और अड्यार जोन में जाति से जुड़े नामों वाली लगभग 77 सड़कों की पहचान की है। कोडंबक्कम जोन में जिन नामों की अभी समीक्षा की जा रही है, उनमें गेंगु रेड्डी रोड, ब्राह्मण स्ट्रीट, वन्नियार स्ट्रीट, रेड्डी स्ट्रीट और डॉ. नायर रोड शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि अगर किसी इलाके या सड़क से किसी व्यक्ति के नाम का जुड़ा है तो उससे सिर्फ जातिसूचक हिस्से को हटाया जाएगा। पूरी तरह से किसी जाति के नाम पर रखी गई सड़कों के नाम बदल दिए जाएंगे। संशोधित नाम को औपचारिक रूप से मंजूरी देने से पहले हर प्रस्ताव की जांच की जाएगी।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।