

रांची: JSSC-JPSC अभ्यर्थी न्याय मंच ने 26 दिनों तक चले आंदोलन के बाद बुधवार को आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2010 से अब तक हुई करीब 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने, 17 परीक्षाओं की CID जांच कराने और 6 परीक्षाओं को मौजूदा जांच पूरी होने तक स्थगित रखने के फैसले के बाद छात्रों ने आभार यात्रा निकाली।





छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो के नेतृत्व में यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान छात्रों ने अबीर-गुलाल लगाकर और आतिशबाजी कर अपनी खुशी जाहिर की।
शहीदों को दी श्रद्धांजलि
आभार यात्रा के दौरान छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा और शहीद अल्बर्ट एक्का की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद छात्रों ने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार जताया।
छात्रों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और नौकरियों की खरीद-फरोख्त जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की मांग की।
लंबे आंदोलन के बाद मिली सफलता
छात्रों ने सरकार के फैसले को अपने आंदोलन की ऐतिहासिक जीत बताया। उनका कहना है कि इस सफलता के पीछे लंबे संघर्ष और लगातार चले आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
छात्रों के अनुसार, 2 जुलाई से 47 दिनों का संघर्ष, 5 जुलाई से 44 दिनों का आंदोलन, 25 जुलाई से 24 दिनों का सत्याग्रह और 2 अगस्त से 16 दिनों की भूख हड़ताल की गई। इस दौरान छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो के साथ छात्रा उम्मे हबीबा और राहुल ने भी अनशन किया था।
आंदोलन समाप्त होने के बाद छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में अभ्यर्थियों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो।
