

रांची : पूर्व आईपीएस अधिकारी और झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी के बेटे अभिषेक चौधरी ने जमीन के नाम पर करीब दो करोड़ रुपये की कथित ठगी का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने हिंदपीढ़ी थाने में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। FIR में शाहनवाज शेख, उनके भाई आफताब शेख और सफदर शेख के अलावा उनकी बहन तबस्सुम इसरार और शबनम शेख को आरोपी बनाया गया है।





2021 में जमीन बेचने का दिया था प्रस्ताव
अभिषेक चौधरी के मुताबिक, वर्ष 2021 में हिंदपीढ़ी के शेख मेंशन निवासी शाहनवाज शेख और उनके भाई-बहनों ने अमिताभ चौधरी के सामने खलारी और चान्हो अंचल के केदल एवं रामदगा गांव में स्थित 736 डिसमिल जमीन बेचने का प्रस्ताव रखा था। उस समय जमीन की कीमत 20 हजार रुपये प्रति डिसमिल बताई गई थी। FIR में आरोप लगाया गया है कि अमिताभ चौधरी ने जमीन खरीदने के लिए कई किस्तों में करीब दो करोड़ रुपये का भुगतान किया था। यह रकम उन्होंने दरभंगा और मधुबनी में स्थित अपनी पैतृक करीब 150 कट्ठा जमीन बेचकर जुटाई थी। अभिषेक के अनुसार शाहनवाज शेख ने 9 सितंबर 2021 को अमिताभ चौधरी के ई-मेल पर जमीन का एकरारनामा भी भेजा था। इसके बाद अंतिम किस्त के तौर पर 21 लाख रुपये का चेक 20 जुलाई 2022 को दिया गया।
रजिस्ट्री से पहले अमिताभ चौधरी का निधन
हालांकि जमीन की रजिस्ट्री होने से पहले ही 16 अगस्त 2022 को अमिताभ चौधरी का निधन हो गया। अभिषेक के मुताबिक, इसके कुछ दिनों बाद 28 अगस्त को उन्होंने शाहनवाज शेख से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान शाहनवाज ने जमीन का सौदा 25 हजार रुपये प्रति डिसमिल तय होने की बात कही। अभिषेक का दावा है कि शाहनवाज ने करीब 1.32 करोड़ रुपये प्राप्त करने की बात भी स्वीकार की थी।
जमीन गिरवी रखने का भी दावा
अभिषेक का आरोप है कि जब उन्होंने दी गई रकम वापस मांगी तो शाहनवाज शेख लगातार टाल-मटोल करने लगे। बाद में जमीन की कीमत 50 हजार रुपये प्रति डिसमिल बताते हुए कथित तौर पर एक करोड़ रुपये और मांगने लगे। अभिषेक के अनुसार, 17 अगस्त 2023 को हुई एक और मुलाकात में शाहनवाज ने बताया कि जमीन बैंक के पास गिरवी रखी गई है।
पुलिस ने दर्ज की FIR
मामले में हिंदपीढ़ी थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जमीन से जुड़े दस्तावेजों, कथित लेन-देन और लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
