खनिज संशोधन अधिनियम और JPSC-JSSC परीक्षाओं को रद्द करने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार को घेरा

भाजपा ने MMDR अधिनियम और JPSC-JSSC परीक्षाओं के मुद्दे पर हेमंत सरकार को घेरा, खनिज राजस्व, परीक्षा रद्दीकरण, पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

Razi Ahmad
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: झारखंड में खनिज संशोधन (MMDR) अधिनियम और JPSC-JSSC परीक्षाओं को रद्द करने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जोरदार हमला बोला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने राज्य सरकार पर जनता को भ्रमित करने, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने JMM सहित विपक्षी पार्टियों द्वारा MMDR अधिनियम के विरोध को राजनीतिक ड्रामा करार दिया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह संशोधन देश के खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, समानता, निवेश और विकास को गति देने के लिए है। इसका उद्देश्य राज्यों का राजस्व छीनना कतई नहीं है।

आदित्य साहू ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि 2014-15 में कुल खनिज राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में बढ़कर 88 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

पिछले 10 वर्षों में राज्यों का खनिज राजस्व 25,206 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,14,549 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा, रॉयल्टी, डीएमएफ, नीलामी प्रीमियम और जीएसटी में राज्यों की हिस्सेदारी यथावत रहेगी और खनन भुगतानों का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को ही मिलेगा।

आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर मनमाना उपकर लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड ने लौह अयस्क पर 600 रुपये प्रति टन और कोयले पर 450 रुपये प्रति टन का भारी उपकर लगा दिया, जिससे कोयला उत्पादन में 12.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि JMM आर्थिक नाकेबंदी की धमकी देकर राज्य का विकास रोकना चाहती है। भाजपा इस अधिनियम को लेकर पूरे राज्य में जागरूकता अभियान चलाएगी और लोगों के बीच इसकी प्रतियां बांटेगी।

बाबूलाल ने उठाए सवाल

दूसरी ओर, जेपीएससी और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट द्वारा स्टे दिए जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और हेमंत सोरेन ने छात्र आंदोलन को समाप्त कराने के लिए परीक्षा रद्द करने का ढोंग रचा। बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए जारी किया गया यह फैसला अदालत में नहीं टिक सका। बाबूलाल ने पूरी प्रक्रिया में शामिल दोषियों को बेनकाब करने के लिए मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग दोहराई, ताकि पारदर्शी तरीके से चुने गए अभ्यर्थियों को नुकसान न पहुंचे।

वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने कहा कि JPSC और JSSC की करीब 22 परीक्षाओं को रद्द करने के निर्णय से हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। सरकार ने समय रहते शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार तत्काल JPSC का पुनर्गठन करे, परीक्षाओं का स्पष्ट कैलेंडर जारी करे और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) में रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति करे।

Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।