सौरभ नारायण सिंह ने 6.82 एकड़ भूमि विनोबा भावे विश्वविद्यालय को कर दी दान, नहीं लिया एक रुपया

रामगढ़ राज परिवार की बड़ी पहल, सौरभ नारायण सिंह ने पद्मा में 6.82 एकड़ जमीन विनोबा भावे विश्वविद्यालय को दान की, परिसर का नाम महाराजा कामाख्या नारायण सिंह पर होगा

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रांची: शिक्षा के क्षेत्र में रामगढ़ राज परिवार ने एक ऐतिहासिक पहल की है। पूर्व विधायक और रामगढ़ राज परिवार के सदस्य सौरभ नारायण सिंह ने पद्मा स्थित महाराजा किला समेत 6.82 एकड़ की बहुमूल्य भूमि विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग को नि:शुल्क दान कर दी है। इसके लिए उन्होंने 26 मई 2026 को बरही रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचकर पद्मा अंचल अधिकारी के माध्यम से राज्यपाल के नाम रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की। दान में दी गई इस भूमि के बाद अब पद्मा स्थित प्रसिद्ध लक्ष्मी निवास पैलेस को ‘विनोबा भावे विश्वविद्यालय महाराजा बहादुर कामाख्या नारायण सिंह परिसर, हजारीबाग’ के नाम से जाना जाएगा। हालांकि, इस 6.82 एकड़ जमीन में 10 डिसमिल भूमि पर बने दुर्गा मंडप और ठाकुरवाड़ी मंदिर को शामिल नहीं किया गया है।

सौरभ नारायण सिंह ने करीब एक वर्ष पहले राज्यपाल को पत्र सौंपकर विश्वविद्यालय की नई शाखा के लिए 10 एकड़ भूमि दान करने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद जिला प्रशासन की जांच प्रक्रिया पूरी होने पर 6.82 एकड़ भूमि दान के लिए स्वीकार की गई। दान पत्र में एक विशेष शर्त रखी गई है कि इस भूमि पर विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित होने वाली नई शाखा का नाम उनके दादा महाराजा बहादुर कामाख्या नारायण सिंह के नाम पर होगा। इसके अलावा, राज परिवार के सदस्यों के परिसर में आने-जाने और धार्मिक अनुष्ठानों पर जीवनभर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा तथा किला परिसर के ऐतिहासिक महत्व को सुरक्षित रखते हुए इसके मुख्य द्वार पर दानदाता के नाम का बड़ा बोर्ड लगाया जाएगा। दान प्रक्रिया के दस्तावेजों में गवाह के रूप में हजारीबाग निवासी रमाकांत सिन्हा और चौपारण निवासी जितेन्द्र सिंह ने हस्ताक्षर किए हैं, जबकि परिवार का कोई सदस्य गवाह के तौर पर शामिल नहीं था।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।