

रांची: केंद्र सरकार द्वारा एमएमडीआर (खान और खनिज विकास एवं नियमन) एक्ट में किए गए संशोधनों के खिलाफ झारखंड सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय जाने की पूरी तैयारी कर ली है। केंद्र के इन संशोधनों से राज्य को होने वाले भारी वित्तीय नुकसान को देखते हुए झारखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक में वित्त सचिव प्रशांत कुमार, वाणिज्य-कर सचिव अमित कुमार और खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा शामिल हुए। अधिकारियों ने वित्त मंत्री को केंद्र के इस फैसले से राज्य के राजस्व पर पड़ने वाले प्रतिकूल वित्तीय प्रभाव और इससे जुड़े कानूनी व संवैधानिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।





मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्री ने अधिकारियों को एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड के प्राकृतिक संसाधन और खनिज राज्य की जनता की संपत्ति हैं, जिनसे मिलने वाले राजस्व से कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित होती हैं। केंद्र के इस कदम से राज्य के वित्तीय हितों को नुकसान पहुंचेगा। इस विषय पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी वार्ता की जा चुकी है और उन्होंने राज्य के खनिज हितों की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने पर अपनी सहमति दे दी है। राज्य सरकार अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकती है।
