सड़कों और सार्वजनिक स्थलों के नाम मनमाने ढंग से रखने पर रोक, झारखंड नगरपालिका नियमावली-2026 लागू

झारखंड में नई नगरपालिका नामकरण नियमावली लागू, जातिसूचक और आपत्तिजनक नाम बदलने की तैयारी, जीवित व्यक्ति के नाम पर नामकरण पर रोक और द्विभाषी बोर्ड अनिवार्य होंगे।

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रांची: झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने शहरी क्षेत्रों में सड़कों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों के नाम मनमाने ढंग से रखने पर रोक लगाने के लिए ‘झारखंड नगरपालिका (स्थान नामकरण) नियमावली-2026’ लागू कर दी है। इस नई नियमावली के तहत अब शहरों में जातिसूचक, अपमानजनक, संप्रदाय या वर्ग विशेष को ठेस पहुंचाने वाले और आपत्तिजनक नामों को चिन्हित कर बदला जाएगा। इसके साथ ही, पूरे राज्य में नामकरण और नंबरिंग की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की पहल की जा रही है।

नियमावली लागू होने के 30 दिनों के भीतर हर नगरपालिका क्षेत्र में नगर आयुक्त या मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष सर्वेक्षण दल गठित किया जाएगा। यह दल 90 दिनों के भीतर क्षेत्र का गहन सर्वेक्षण कर जातिसूचक, आपत्तिजनक या विवादित नामों की पहचान करेगा और अपनी रिपोर्ट नगरपालिका को सौंपेगा। सर्वेक्षण दल की रिपोर्ट पर विचार करने और अंतिम अनुशंसा के लिए राज्य स्तरीय नामकरण एवं युक्तिकरण समिति (एसएलएनआरसी) का गठन किया जाएगा, जिसके अध्यक्ष नगर प्रशासन निदेशक होंगे। इसमें संबंधित जिले के डीसी, एसएसपी, संबंधित निकायों के प्रशासनिक अधिकारी और गृह विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

नई व्यवस्था के तहत सार्वजनिक स्थलों या मोहल्लों का नामकरण किसी भी जीवित व्यक्ति के नाम पर नहीं किया जाएगा। वहीं नाम बदलने से स्थानीय निवासियों के यूनिक प्रिसिंक्ट नंबर (UPN) रजिस्टर में कोई बदलाव नहीं होगा, जिससे उनके सरकारी दस्तावेजों या संपत्ति के रिकॉर्ड को नुकसान नहीं पहुंचेगा। इसके अतिरिक्त, बिना अनुमति या अनाधिकृत रूप से लगाए गए बोर्ड हटाने और ऐसा करने वालों पर ‘झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011’ के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्वीकृत नाम दो भाषाओं (हिंदी और अंग्रेजी) के द्विभाषी बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि सभी के लिए सुविधा बनी रहे। यह नियमावली राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में समान रूप से लागू होगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।