कैबिनेट बैठक में पत्रकारों को रोके जाने पर विरोध, कैमरा डाउन कर प्रोजेक्ट भवन के बाहर बैठे पत्रकार

रांची के प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट बैठक की कवरेज से पहले पत्रकारों को प्रवेश से रोकने पर विरोध हुआ, कैमरे डाउन कर पत्रकार बाहर रहे और स्पष्टीकरण मांगा।

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रांची : प्रोजेक्ट भवन में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के दौरान पत्रकारों को अंदर जाने से रोके जाने पर पत्रकारों ने विरोध जताया। अधिकारियों की ओर से पत्रकारों को अंदर बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया और अपने कैमरे डाउन कर प्रोजेक्ट भवन के बाहर ही रहे। बताया गया कि मामले की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद उन्होंने दो मंत्रियों को पत्रकारों के पास भेजा। मंत्रियों ने पत्रकारों से कहा कि कुछ गलतफहमी के कारण ऐसा हुआ है और सभी अंदर चलें, आगे से ऐसी स्थिति नहीं होगी। हालांकि, पत्रकारों ने अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा कि आखिर ऐसी स्थिति पैदा क्यों हुई और पत्रकारों को कैबिनेट की बैठक की कवरेज से पहले अंदर जाने से क्यों रोका गया।

पत्रकारों का कहना था कि यदि किसी तरह की व्यवस्था या सुरक्षा संबंधी समस्या थी तो पहले से स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए थी। अचानक पत्रकारों को प्रवेश से रोकना उचित नहीं है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब बाद में इसे गलतफहमी बताया गया, तो शुरुआत में पत्रकारों को प्रोजेक्ट भवन के अंदर जाने से रोकने का निर्देश आखिर किस स्तर से दिया गया था?

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।