राज्य में बिना लाइसेंस नहीं चलेंगी मीट की दुकानें, नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई

झारखंड कैबिनेट ने मीट कारोबार के लिए नए नियम मंजूर किए, खुले में बिक्री पर रोक लगाई, लाइसेंस अनिवार्य किया और 606 थानों में सीसीटीवी लगाने को मंजूरी दी।

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रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक में मीट और मीट से जुड़े उत्पादों के कारोबार को सुव्यवस्थित करने तथा एनओसी (NOC) देने के लिए ‘झारखंड म्युनिसिपल रेगुलेशन-2026’ को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस नए नियम के लागू होने से अब राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों में मांस, मछली, मुर्गा या मीट से जुड़े किसी भी अन्य उत्पाद का कारोबार करने वालों के लिए संबंधित नगर निकाय से अनुमति लेना और ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का वैध खाद्य लाइसेंस भी जरूरी होगा।

कैबिनेट के इस फैसले के तहत खुले में मांस की बिक्री और प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। मीट दुकानदारों को दुकान में मांस कांच या शीशे के काउंटर के पीछे अथवा ढक कर रखना होगा, ताकि धूल, गंदगी और अन्य प्रदूषकों से उसका बचाव किया जा सके। साथ ही वधशाला और दुकानों के संचालन के दौरान स्वच्छता, उपयुक्त स्थान, अपशिष्ट निस्तारण और खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। बिना वैध ट्रेड लाइसेंस, एनओसी या खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के कारोबार करने पर संबंधित नगर निकाय स्तर से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के पोर्टल के माध्यम से लाइसेंस हेतु आवेदन किया जा सकता है।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य के 606 पुलिस थानों में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने के लिए 90 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। वहीं, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के मामलों के त्वरित और प्रभावी निष्पादन के लिए चतरा में विशेष न्यायालय के तहत एक नए पद के सृजन की भी मंजूरी दे दी गई है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।